मध्य प्रदेश: धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की हेराफेरी से गरमाई सियासत: अयोध्या और बद्रीनाथ के बाद अब नलखेड़ा मां बगलामुखी मंदिर में 'दान चोरी' से हड़कंप

"आस्था के केंद्र में वित्तीय अनियमितता का हड़कंप—प्रबंधन से अलग निजी खातों में लिया जा रहा था दान; कलेक्टर ने बैठाई 3 सदस्यीय जांच कमेटी, धर्मस्व मंत्री बोले- 'दोषी बख्शे नहीं जाएंगे'"

08 Jul 2026  |  993

 

 

आगर-मालवा/भोपाल।

देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दान और चढ़ावे में गड़बड़ियों के मामले लगातार तूल पकड़ते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर और उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम के बाद अब मध्य प्रदेश के आगर-मालवा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर (नलखेड़ा) में दान और चढ़ावे की चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मंदिर में वित्तीय गड़बड़ियों और निजी खातों में दान लेने के गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन सख्त एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय दल का गठन कर दिया है, जिसे 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।

गैर-शासकीय समिति पर गंभीर आरोप, निजी खातों का हुआ इस्तेमाल

कलेक्टर प्रीति यादव द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, मंदिर परिसर में एक गैर-शासकीय समिति द्वारा शासकीय प्रबंधन समिति के समानांतर श्रद्धालुओं से नकद, सोना और चांदी के रूप में दान लेने के इनपुट मिले थे। इसके साथ ही दान राशि को सरकारी खजाने के बजाय निजी बैंक खातों में जमा कराने जैसी गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।

जांच दल में कौन-कौन शामिल? प्रशासन ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) बी.एस. सोलंकी की अध्यक्षता में समिति बनाई है। इसमें जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी और नलखेड़ा नगर परिषद की मुख्य नगरपालिका अधिकारी मिन्नी अग्रवाल को सदस्य नियुक्त किया गया है।

कलेक्टर के कड़े निर्देश: 7 दिन में खंगाले जाएंगे खाते और रसीदें

जांच दल को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे मंदिर परिसर का मौके पर निरीक्षण करें, रसीद पुस्तिकाओं की जांच करें और संदिग्ध बैंक खातों के रिकॉर्ड खंगालें। जांच इस बिंदु पर भी केंद्रित होगी कि क्या इस पूरी हेराफेरी में किसी अधिकारी, कर्मचारी या मंदिर प्रबंधन से जुड़े व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध है। समिति को 7 दिनों के भीतर साक्ष्यों के साथ अपनी रिपोर्ट और सख्त अनुशंसाएं प्रस्तुत करनी होंगी।

"अवैध वसूली करने वालों पर होगी कठोरतम कार्रवाई" — धर्मस्व मंत्री

इस संवेदनशील मामले पर मध्य प्रदेश के धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

"यह मामला मेरे संज्ञान में आते ही मैंने तुरंत कलेक्टर को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कुछ लोग, जो आधिकारिक प्रबंधन समिति का हिस्सा नहीं हैं, वहां अवैध वसूली कर रहे थे। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अब शासकीय मंदिर समिति का हर तीन महीने में अनिवार्य ऑडिट होगा। हम क्यूआर कोड (QR Code) के माध्यम से सीधे डिजिटल दान की योजना बना रहे हैं ताकि पारदर्शिता रहे। श्रद्धालुओं से भी अनुरोध है कि वे सोच-समझकर केवल आधिकारिक काउंटर पर ही दान दें।"

चंदे के मुद्दे पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने भाजपा को घेरा

मां बगलामुखी मंदिर का विवाद सामने आते ही प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरौलिया ने सरकार को घेरते हुए कहा, "भाजपा भगवान के नाम पर केवल सियासत करती है। अयोध्या के राम मंदिर से लेकर बद्रीनाथ धाम और अब नलखेड़ा के मां बगलामुखी मंदिर तक में चंदा चोरी के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। हमें माता रानी की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, वहां न्याय जरूर होगा।"

नलखेड़ा का मां बगलामुखी मंदिर देश भर के वीआईपी, राजनेताओं और तंत्र-साधकों की आस्था का एक बड़ा केंद्र माना जाता है। ऐसे में आगामी 7 दिनों के भीतर आने वाली जांच रिपोर्ट पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।

अन्य खबरें