आम जनता को बड़ी राहत: अब नियमों, जागरूकता और प्रमोशनल SMS के लिए बैंक नहीं वसूल सकेंगे चार्ज; RBI का बड़ा फैसला

₹500 तक के छोटे ट्रांजैक्शन पर अब SMS भेजना जरूरी नहीं; बड़े बैंकों को लगेगा ₹300 करोड़ से अधिक की सालाना कमाई का फटका, WhatsApp और इन-ऐप नोटिफिकेशन बनेंगे नए विकल्प।

08 Jul 2026  |  1036

 

मुंबई। देश के आम बैंक खाताधारकों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय बैंक द्वारा जारी नए दिशानिर्देशों के बाद अब बैंक नियमों के पालन (Compliance), जागरूकता (Awareness) और किसी भी प्रकार के प्रचार (Promotional) से जुड़े SMS अलर्ट के लिए ग्राहकों की जेब पर कैंची नहीं चला सकेंगे।

अब तक देश के लगभग सभी प्रमुख बैंक इन संदेशों की लागत निकालने के नाम पर अपने ग्राहकों से हर तिमाही 15 से 18 रुपये तक का भारी-भरकम SMS शुल्क वसूलते थे, जिस पर अब पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

बड़े बैंकों की तिजोरी को लगेगा ₹300 करोड़ का झटका

RBI के इस फैसले से जहां आम जनता के पैसे बचेंगे, वहीं देश के बड़े सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा। अनुमान के मुताबिक, इस फैसले से बड़े बैंकों की सालाना फीस आय (Fee Income) में 300 से 360 करोड़ रुपये तक की भारी कमी आ सकती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी बड़े बैंक के पास 5 करोड़ एक्टिव चार्जिंग ग्राहक हैं, तो उसे सीधे तौर पर करीब ₹360 करोड़ का सालाना घाटा होगा।

₹500 तक के छोटे ट्रांजैक्शन पर SMS अब अनिवार्य नहीं

RBI ने बैंकों को परिचालन लागत कम करने के लिए एक और बड़ी छूट दी है। अब 500 रुपये या उससे कम के छोटे लेन-देन (Transactions) पर ग्राहकों को SMS अलर्ट भेजना अनिवार्य नहीं होगा।

हालांकि, ग्राहकों की सुरक्षा और बेहतर बैंकिंग अनुभव को देखते हुए HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे देश के बड़े निजी बैंक फिलहाल छोटे ट्रांजैक्शन पर भी SMS अलर्ट की सुविधा को जारी रख सकते हैं। इन बैंकों का मानना है कि तुरंत मिलने वाला SMS ग्राहकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी (Cyber Fraud) से बचाने में सबसे बड़ा मददगार साबित होता है।

चोरी छुपे दूसरे रास्तों से जेब काट सकते हैं बैंक!

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक इस घाटे को इतनी आसानी से बर्दाश्त नहीं करेंगे। चूंकि वे अब SMS का खर्च सीधे ग्राहकों से नहीं वसूल पाएंगे, इसलिए इसकी भरपाई के लिए बैंक अन्य अप्रत्यक्ष रास्ते अपना सकते हैं। आने वाले दिनों में ग्राहक नीचे दिए गए शुल्कों में बढ़ोतरी देख सकते हैं:

अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज (Account Maintenance Charges)

न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) न रखने पर लगने वाला जुर्माना

अन्य बैंकिंग सेवाओं की प्रोसेसिंग फीस

टेलीकॉम कंपनियों पर भी गिरेगी गाज; डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की होगी चांदी

RBI के इस फैसले का एक बड़ा साइड-इफेक्ट टेलीकॉम सेक्टर पर भी देखने को मिलेगा। वर्तमान में भारत में हर महीने लगभग 60 से 80 अरब कमर्शियल SMS भेजे जाते हैं, जिनमें से एक बहुत बड़ा हिस्सा छोटे बैंक ट्रांजैक्शन का होता है। यदि बैंकों ने ₹500 से कम के ट्रांजैक्शन पर SMS भेजना बंद या कम कर दिया, तो टेलीकॉम कंपनियों के SMS रेवेन्यू में भारी गिरावट आएगी।

अब इन आधुनिक विकल्पों का सहारा लेंगे बैंक:

RBI ने बैंकों को पारंपरिक SMS के बजाय अन्य सस्ते और आधुनिक डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने की हरी झंडी दे दी है। आने वाले समय में आपको बैंकिंग अपडेट्स के लिए इन प्लेटफॉर्म्स के नोटिफिकेशन दिखाई देंगे:

Google RCS (रिच कम्युनिकेशन सर्विसेज)

WhatsApp बिजनेस अकाउंट्स

बैंकों के अपने मोबाइल ऐप्स (In-App Alerts)

मोबाइल पुश नोटिफिकेशन

केंद्रीय बैंक के इस कदम को डिजिटल इंडिया की दिशा में बैंकिंग सेक्टर को अधिक किफायती और आधुनिक बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

अन्य खबरें