गूगल के पीआर हेड भावुक कनेक्शन: "मैं भी झारखंड की माटी का लाल हूँ..." जब दिल्ली में गूंजा पलाम का नाम, तो सीएम हेमंत सोरेन ने भी बजाईं तालियां

हेमंत सरकार के 'नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन' में गूगल के पीआर हेड राजेश रंजन का भावुक कनेक्शन; राज्य के युवाओं के लिए गूगल करेगा बड़ा निवेश।

09 Jul 2026  |  1316

 

 

नई दिल्ली / रांची। नई दिल्ली में आयोजित झारखंड सरकार के दो दिवसीय 'नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन' कार्यक्रम में उस वक्त एक बेहद भावुक और गौरवपूर्ण पल देखने को मिला, जब दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) के पब्लिक रिलेशन (PR) हेड राजेश रंजन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने मंच से अपना झारखंड कनेक्शन साझा किया। जैसे ही उन्होंने पलामू की धरती से अपना नाता बताया, पूरा हॉल जोरदार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और खुद मुख्यमंत्री भी अपनी मुस्कान और तालियां रोक नहीं पाए।

झारखंड में वैश्विक और घरेलू औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए आयोजित इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, केपीएमजी और ऑरेकल जैसी कई मल्टीनेशनल कंपनियों के दिग्गज प्रतिनिधि शामिल हुए थे।

पलामू से गूगल तक का सफर: "मैं भी इसी माटी से आता हूँ"

मंच संभालते ही गूगल के पीआर हेड राजेश रंजन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर देखते हुए कहा:

"यहाँ मौजूद सभी सम्मानित लोगों को मैं एक बात विशेष रूप से बताना चाहता हूँ कि मैं भी झारखंड की माटी से ही आता हूँ। मेरा जन्म और जुड़ाव झारखंड के पलामू से है।"

इस घोषणा ने न केवल हॉल में मौजूद अधिकारियों और उद्यमियों में नया उत्साह भर दिया, बल्कि झारखंड की प्रतिभाओं के वैश्विक स्तर पर चमकने के दावों को भी सच साबित कर दिया।

झारखंड के विकास में कंधे से कंधा मिलाएगा गूगल

भावुक जुड़ाव के बाद राजेश रंजन ने राज्य के तकनीकी विकास के लिए गूगल की बड़ी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि गूगल झारखंड सरकार के विकास मॉडल में पूरा साथ देगा और राज्य की प्रगति में कंधे से कंधा मिलाकर चलेगा।

गूगल के पीआर हेड ने तकनीकी महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:

असमानता को पाटेगी टेक्नोलॉजी: तकनीक ही वह एकमात्र और सबसे सशक्त जरिया है, जो समाज में मौजूद ऊंच-नीच और अमीर-गरीब की खाई को पाटने का काम कर सकती है।

युवाओं पर मुख्य फोकस: गूगल का प्राथमिक उद्देश्य झारखंड के युवाओं को हर संभव वैश्विक अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए कंपनी राज्य में बड़े पैमाने पर 'क्षमता निर्माण कार्यक्रमों' (Capacity Building Programs) का संचालन करेगी ताकि स्थानीय युवाओं को कुशल बनाया जा सके।

दूसरे राज्यों की नकल नहीं, झारखंड का अपना होगा 'विकास मॉडल': सीएम हेमंत सोरेन

इसके पूर्व, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य के भविष्य की रूपरेखा सामने रखी। उन्होंने पुरजोर तरीके से कहा कि झारखंड अब तकनीक, अनुसंधान, नवाचार (Innovation) और समावेशी विकास को केंद्र में रखकर अपना खुद का नया विकास मॉडल तैयार कर रहा है।

मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा:

"विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) में झारखंड की सफल उपस्थिति दर्ज होने के बाद, हमारा राज्य अब तकनीकी क्रांति और 'टेक्नोलॉजी गवर्नेंस' के अपने विशिष्ट मॉडल के साथ आगे बढ़ने को पूरी तरह तैयार है। हम विकास के लिए किसी दूसरे राज्य की अंधी नकल नहीं करेंगे, बल्कि झारखंड की स्थानीय परिस्थितियों, संस्कृति और यहाँ के प्रचुर संसाधनों के अनुरूप अपनी नीतियां तैयार करेंगे।"

सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य उभरती तकनीकों पर आधारित इस दो दिवसीय सम्मेलन से साफ है कि झारखंड अब पारंपरिक उद्योगों से आगे निकलकर वैश्विक डिजिटल मानचित्र पर अपनी एक मजबूत और आधुनिक पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है।

अन्य खबरें