'कांग्रेस बनाती है टर्निंग पॉइंट्स, भाजपा लेती है यू-टर्न'... परमाणु समझौते का हवाला देकर कांग्रेस महासचिव का केंद्र पर तीखा तंज

ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम सप्लाई पर छिड़ा सियासी घमासान, जयराम रमेश ने पीएम मोदी को कहा 'अवार्ड-जीवी'

09 Jul 2026  |  1034

 

 

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया द्वारा भारत को यूरेनियम आपूर्ति करने की हालिया घोषणा के बाद देश का सियासी पारा चढ़ गया है। इस फैसले को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने इतिहास के पन्नों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है और पीएम मोदी को 'अवार्ड-जीवी' करार दिया है।

'एक्स' (Twitter) पर याद दिलाया 2008 का इतिहास

वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि आज 'अवार्ड-जीवी' बड़े गर्व के साथ घोषणा कर रहे हैं कि ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम की सप्लाई करने जा रहा है, लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि इसकी नींव कब और किसने रखी थी।

मनमोहन सरकार का किया जिक्र: जयराम रमेश ने याद दिलाया कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि सिर्फ और सिर्फ 'अमेरिका-भारत परमाणु सहयोग समझौते' (Indo-US Nuclear Deal) की बदौलत संभव हो पाई है, जो 8 अक्टूबर 2008 को कानून बना था। इसकी शुरुआत जुलाई 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के बीच हुई ऐतिहासिक मुलाकात से हुई थी।

'कांग्रेस बनाती है टर्निंग पॉइंट, भाजपा लेती है यू-टर्न'

भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि जब मनमोहन सरकार इस ऐतिहासिक परमाणु समझौते को अमलीजामा पहना रही थी, तब भाजपा ने संसद से लेकर सड़क तक हर जगह इसका पुरजोर विरोध किया था। उन्होंने दोनों पार्टियों की कार्यशैली की तुलना करते हुए लिखा कि "कांग्रेस हमेशा देश के लिए 'टर्निंग पॉइंट्स' (अहम मोड़) बनाती है, जबकि भाजपा सिर्फ 'यू-टर्न' लेने में माहिर है।"

केंद्र की नई योजना को बताया 'रोजगार की चोरी'

यह पहला मौका नहीं है जब जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की नीतियों को घेरा है। इससे पहले बुधवार को भी उन्होंने एक बिजनेस अखबार में छपे अर्थशास्त्री और जम्मू-कश्मीर के पूर्व वित्त मंत्री हसीब द्राबू के लेख का हवाला देते हुए सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने केंद्र सरकार की एक नई योजना पर निशाना साधते हुए उसे सीधे तौर पर 'रोजगार के अधिकार की चोरी' करार दिया था।

फिलहाल, यूरेनियम आपूर्ति के इस फैसले पर जहां सरकार इसे अपनी कूटनीतिक जीत बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे अपनी पुरानी नीतियों का नतीजा बताकर श्रेय की जंग को तेज कर चुकी है।

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