नई दिल्ली / लखनऊ
देशभर में मानसूनी बारिश ने जहाँ एक तरफ गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ यह आफत बनकर बरसी है। मौसम विभाग (IMD) ने आज दिल्ली-NCR समेत देश के 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश, हादसों और वज्रपात (आकाशीय बिजली) ने उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है, जिसमें दर्जनों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
पहाड़ों से लेकर मैदानों तक, बुनियादी ढांचा चरमरा गया है और जलभराव के कारण शहरों की रफ्तार थम गई है। बंगाल की खाड़ी से उठा सक्रिय मौसम तंत्र इस समय मध्य प्रदेश के पास है, जिसका सीधा असर उत्तर भारत पर दिख रहा है।
उत्तर प्रदेश में हाहाकार: हादसों और बिजली गिरने से 19 मौतें
उत्तर प्रदेश में मानसून ने सबसे भयानक रूप दिखाया है। राज्य में बारिश जनित हादसों और वज्रपात के कारण 19 लोगों की मौत हो चुकी है।
मासूमों की मौत: गाजियाबाद के विजयनगर में घर के बाहर हुए जलभराव में डूबने से 3 वर्षीय मासूम बच्ची पल्लवी की मौत हो गई, जबकि मसूरी इलाके में 7 साल का बच्चा शाद नाले में गिर गया, जिससे उसकी जान चली गई।
मकान गिरने से हादसा: बुलंदशहर के मुंडाखेड़ा गांव में एक मकान की दीवार गिरने से दंपती और उनके बच्चे समेत एक ही परिवार के 3 लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई।
करंट और वज्रपात: इंदिरापुरम (गाजियाबाद) के एक पार्क में ट्रांसफार्मर से करंट उतरने के कारण सोसायटी के चौकीदार की मौत हो गई। वहीं, पूर्वांचल के चार जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से 7 लोगों की जान चली गई।
60 से अधिक जिलों में अलर्ट: वरिष्ठ मौसम विज्ञानी के अनुसार, अगले चार दिनों तक यूपी में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने लखनऊ समेत 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का दो दिनों का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। बिजनौर में रिकॉर्ड 306 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
दिल्ली-NCR की तैयारियों की खुली पोल, रेंगता रहा ट्रैफिक
गुरुवार तड़के से शुरू हुई भारी बारिश ने दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी।
दिल्ली के भोगल अंडरपास में पानी भरने से एक लग्जरी बीएमडब्ल्यू कार डूब गई।
साहिबाबाद के वसुंधरा में 15 फीट गहरी सड़क धंसने से एक चलती कार उसमें समा गई। कई सोसायटियों के बेसमेंट में पानी भरने से 200 से अधिक गाड़ियां खराब हो गईं।
ईस्ट ऑफ कैलाश और रोहिणी में भारी पेड़ गिरने से कई वाहन मलबे में दब गए।
गुजरात-महाराष्ट्र का भी बुरा हाल: सूरत में 9 मौतें, रायगढ़ में बहे 3,000 गैस सिलेंडर
पश्चिमी भारत में भी मानसून का तांडव जारी है।
गुजरात: सूरत में भारी बारिश के कारण हुए अलग-अलग हादसों में 9 लोगों की मौत हो गई। बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों से करीब 3,900 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने खुद सूरत पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
महाराष्ट्र: रायगढ़ जिले में आई बाढ़ के कारण एचपीसीएल (HPCL) प्लांट से करीब 3,000 एलपीजी गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए, जिससे हड़कंप मच गया। उधर, पुणे में एक इमारत ढहने से मलबे से एनडीआरएफ (NDRF) ने एक शव निकाला है, जबकि कई लोगों के अभी भी दबे होने की आशंका है।
उत्तराखंड और हिमाचल में थमी पहाड़ों की रफ्तार
उत्तराखंड: पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण 84 से अधिक संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हैं। चारधाम यात्रा मार्ग भी कई जगहों पर बाधित हुआ है। नैनीताल झील का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने के कारण नौकायन (बोटिंग) पर रोक लगा दी गई है। एहतियातन कई जिलों में आज स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।
हिमाचल प्रदेश: किन्नौर जिले में भारी बाढ़ के कारण 100 फीट लंबा लोहे का बेली ब्रिज पानी में समा गया। राज्य की कई नदियां और नाले उफान पर हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी: मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, बिजली के खंभों और जर्जर इमारतों से दूर रहें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।