4 साल बाद कोविड से मौत का दावा, कडप्पा में दो मौतों से कोरोना की आहट? स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी, सैंपल पुणे भेजे गए

आंध्र प्रदेश में कोविड से मौत का दावा, जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट का इंतजार, सरकार ने कहा— 'अन्य गंभीर बीमारियां थीं वजह', सैंपल पुणे भेजे गए।

10 Jul 2026  |  1145

 

अमरावती/कडप्पा।

आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में कोरोना वायरस (कोविड-19) के नए मामलों और दो मरीजों की मौत की खबरों ने स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जिले में दो लोगों की कोरोना से मौत हुई है और चार अन्य लोग संक्रमित पाए गए हैं। हालांकि, प्रदेश सरकार ने कोरोना से मौत के दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि ये मौतें कोविड की वजह से नहीं, बल्कि डायबिटीज और किडनी जैसी अन्य गंभीर बीमारियों (को-मॉर्बिडिटीज) के कारण हुई हैं।

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में आधिकारिक तौर पर कोविड-19 से आखिरी मौत 4 साल पहले यानी वर्ष 2022 में दर्ज की गई थी। ऐसे में इस नए घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।

क्या है मृतकों का हेल्थ रिकॉर्ड?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मारे गए दोनों मरीजों में से एक का इलाज तमिलनाडु के वेल्लोर में चल रहा था। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी इस प्रकार है:

पहला मामला (60 वर्षीय मरीज): इस मरीज की मौत 28 जून को सीएमसी (CMC) वेल्लोर में इलाज के दौरान हुई। इन्हें पहले तिरुपति के SVIMS में भर्ती कराया गया था, जहाँ से बाद में वेल्लोर शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, यह मरीज गंभीर डायबिटीज, किडनी की बीमारी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था।

दूसरा मामला (43 वर्षीय मरीज): कडप्पा जिले के ही एक अन्य इलाके से ताल्लुक रखने वाले इस दूसरे मृतक का फिलहाल कोई पुराना हेल्थ रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

वैक्सीनेशन का रिकॉर्ड: राहत की बात यह है कि संक्रमित पाए गए सभी चारों मरीजों ने कोविड वैक्सीन की दोनों डोज ले रखी थीं, जबकि इनमें से एक मरीज ने बूस्टर डोज भी लगवाई थी।

ओमिक्रॉन का शक; पुणे भेजे गए सैंपल

अस्पताल के डॉक्टरों को मरीजों के लक्षणों को देखकर अंदेशा है कि यह संक्रमण कोरोना के 'ओमिक्रॉन वेरिएंट' की वजह से फैला हो सकता है। सटीक स्थिति और वेरिएंट का पता लगाने के लिए मृतक मरीज के सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही वायरस के वास्तविक म्यूटेशन की पुष्टि हो सकेगी।

संक्रमितों की स्थिति और प्रशासनिक मुस्तैदी

कडप्पा जिला स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाकों में निगरानी और ट्रेसिंग काफी बढ़ा दी है। वर्तमान में एक्टिव मामलों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:

होम आइसोलेशन: संक्रमित पाए गए 4 बीमार लोगों में से 3 मरीजों को डॉक्टरों की देखरेख में उनके घर पर ही आइसोलेट किया गया है।

अस्पताल में भर्ती: चौथे मरीज में कोरोना के हल्के लक्षण देखे गए हैं, जिसके चलते एहतियातन उसे कडप्पा के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज शुरू कर दिया गया है। उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आम जनता से पैनिक न होने और बुनियादी सतर्कता बरतने की अपील की है।

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