अंकारा (तुर्किये)।
तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन से एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सदस्य देशों ने रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन के लिए एक बेहद विशाल और अभूतपूर्व सैन्य सहायता पैकेज का ऐलान किया है। 'अंकारा समिट डिक्लेरेशन' के अनुसार, नाटो देश वर्ष 2026 में यूक्रेन को 70 अरब यूरो (लगभग 7,63,749 करोड़ रुपये) की सैन्य सहायता, अत्याधुनिक हथियार, युद्ध उपकरण और सैन्य प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
इतना ही नहीं, नाटो गठबंधन ने यह भी साफ कर दिया है कि वह यूक्रेन का साथ बीच में नहीं छोड़ने वाला है। सदस्य देशों ने वर्ष 2027 में भी कम से कम इसी स्तर (70 अरब यूरो) की सैन्य मदद जारी रखने की मजबूत प्रतिबद्धता जताई है।
यूक्रेन की संप्रभुता के लिए एकजुट हुआ नाटो
अंकारा घोषणापत्र में नाटो देशों ने एक सुर में कहा कि यूक्रेन की आजादी, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में सभी सहयोगी देश पूरी तरह एकजुट हैं। इस बार की सहायता की सबसे खास बात यह है कि यूक्रेन की सुरक्षा सहायता का एक बहुत बड़ा हिस्सा अब अमेरिकी निर्भरता से हटकर यूरोपीय सहयोगी देश और कनाडा मिलकर उपलब्ध करा रहे हैं।
नाटो ने अपने आधिकारिक बयान में कहा:
"यूक्रेन ट्रांस-अटलांटिक सुरक्षा में बेहद महत्वपूर्ण योगदान देता है। गठबंधन उसके समर्थन के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं पर अडिग है। यूक्रेन को दी जाने वाली यह सुरक्षा सहायता पूरी तरह निष्पक्ष, पूर्वानुमेय (Predictable) और लंबे समय तक टिकाऊ होगी।"
यह पहली बार नहीं है जब नाटो ने यूक्रेन के लिए अपनी तिजोरी खोली है। इससे पहले वर्ष 2025 में हुए हेग (The Hague) शिखर सम्मेलन में भी नाटो देशों ने स्पष्ट किया था कि यूक्रेन की सुरक्षा सीधे तौर पर नाटो की अपनी सुरक्षा से जुड़ी हुई है।
यूरोपीय संघ का 'यूक्रेन सपोर्ट लोन' भी शामिल; कड़े कानून और भ्रष्टाचार पर शर्तें लागू
सैन्य मदद के अलावा, अंकारा घोषणापत्र में यूरोपीय संघ (EU) के उस बड़े वित्तीय फैसले का भी पुरजोर स्वागत किया गया है, जिसके तहत यूक्रेन को आर्थिक रूप से टूटने से बचाया जा सके।
90 अरब यूरो का कर्ज: यूरोपीय संघ की परिषद ने अप्रैल 2026 में यूक्रेन के लिए 90 अरब यूरो (करीब 9.8 लाख करोड़ रुपये) के 'यूक्रेन सपोर्ट लोन' को अंतिम मंजूरी दी थी।
बजट और रक्षा को मजबूती: इस भारी-भरकम राशि का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2026 और 2027 के दौरान यूक्रेन की सबसे जरूरी बजटीय आवश्यकताओं को पूरा करना और उसकी रक्षा औद्योगिक क्षमता (Defense Industrial Capacity) को पुनर्जीवित करना है।
मदद के साथ सख्त शर्तें: यह वित्तीय सहायता यूक्रेन को खैरात में नहीं, बल्कि बेहद सख्त शर्तों के तहत दी जा रही है। इस फंड को हासिल करने और बनाए रखने के लिए यूक्रेन को अपने देश में 'कानून के शासन' (Rule of Law) को सख्ती से लागू करना होगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी व पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
निष्कर्ष: नाटो और यूरोपीय संघ के इन साझा और आक्रामक फैसलों से साफ है कि पश्चिमी देश यूक्रेन को एक लंबी और टिकाऊ लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार कर रहे हैं। 70 अरब यूरो की यह सैन्य मदद आने वाले महीनों में युद्धक्षेत्र के समीकरणों को पूरी तरह से बदल सकती है।