बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर के राशन कार्ड धारकों को जल्द ही राशन दुकानों में लगने वाली लंबी कतारों, घटतौली और सर्वर की किचकिच से हमेशा के लिए राहत मिलने वाली है। संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के तहत जिले में पहली 'अन्नपूर्ति ग्रेन ATM' (स्वचालित अनाज मशीन) की स्थापना की जा रही है। इस अत्याधुनिक व्यवस्था के तहत अब हितग्राही बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के, सिर्फ अपना बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (फिंगरप्रिंट) कर स्वयं मशीन से अपनी पात्रता के अनुसार अनाज प्राप्त कर सकेंगे।
सरकंडा में स्थापित होगी मशीन, दिल्ली से आ रही टीम
जिला खाद्य विभाग के अनुसार, शनिवार को देश की राजधानी दिल्ली से तकनीकी अधिकारियों की एक विशेष टीम मशीन लेकर बिलासपुर पहुंच रही है। इस स्वचालित अनाज एटीएम को शहर के सरकंडा क्षेत्र स्थित पटवारी कार्यालय के पास स्थापित किया जाएगा। इसके सुचारु और स्वतंत्र संचालन के लिए खाद्य विभाग द्वारा एक नई उचित मूल्य दुकान आईडी (ID) क्रमांक भी जारी किया जा रहा है।
चोरी और हेराफेरी पर लगेगा लगाम; सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पारदर्शिता और शुद्धता: नई व्यवस्था के तहत राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी। कार्ड धारक अपनी उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट) या आंख की पुतली (आइरिस) के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन करेंगे। इसके बाद मशीन बिना एक ग्राम की भी हेराफेरी किए सीधे राशन जारी कर देगी, जिससे कोटेदार द्वारा की जाने वाली गड़बड़ी की आशंका शून्य हो जाएगी।
सीसीटीवी और गार्ड्स की निगरानी: इस कीमती मशीन की सुरक्षा के लिए 'छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन' के माध्यम से विशेष सुरक्षाकर्मी (गार्ड्स) तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही पूरे परिसर में 24 घंटे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।
महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, स्व-सहायता समूहों को जिम्मेदारी
इस अभिनव पहल की एक और खूबसूरत विशेषता यह है कि 'अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम' के संचालन और प्रबंधन का पूरा जिम्मा स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों (Self-Help Groups) को सौंपा जाएगा। इसके लिए खाद्य विभाग ने बिलासपुर में सक्रिय महिला समूहों का चयन भी शुरू कर दिया है। सरकार के इस कदम से न केवल राशन वितरण व्यवस्था पारदर्शी होगी, बल्कि स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए द्वार भी खुलेंगे।
जानिए कैसे काम करेगी यह 'ग्रेन एटीएम' मशीन?
मशीन से अनाज निकालने की प्रक्रिया बेहद सरल और बैंक एटीएम की तरह ही होगी:
राशन कार्ड नंबर: हितग्राही को सबसे पहले एटीएम की टच स्क्रीन पर अपना राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा।
बायोमेट्रिक सत्यापन: इसके बाद मशीन से जुड़े बायोमेट्रिक डिवाइस पर अपनी उंगली या अंगूठा रखना होगा।
मात्रा का चयन: प्रमाणीकरण सफल होते ही स्क्रीन पर परिवार की पात्रता के अनुसार मिलने वाले अनाज (जैसे चावल) की कुल मात्रा दिखाई देगी।
अनाज की डिलीवरी: हितग्राही द्वारा स्क्रीन पर 'स्वीकार' का बटन दबाते ही मशीन के आउटलेट से निर्धारित मात्रा में चावल सीधे नीचे रखे बोरे या बर्तन में गिर जाएगा।
"वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से बिलासपुर में पहली अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम स्थापित की जा रही है। शनिवार को मशीन बिलासपुर पहुंच जाएगी, जिसे तकनीकी टीम सरकंडा पटवारी कार्यालय के पास इंस्टॉल करेगी। इंस्टालेशन और टेस्टिंग का काम पूरा होने के बाद इसी माह के अंत तक आम लोगों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।" — अमृत कुजुर, जिला खाद्य अधिकारी, बिलासपुर