क्विक कॉमर्स पर FSSAI का 'क्विक' एक्शन: खराब अंडों से लेकर एक्सपायर्ड व्हे प्रोटीन तक; स्विगी इंस्टामार्ट को एक-दो नहीं, जारी हुए 9 नोटिस!

"सिर्फ रिफंड देने से नहीं चलेगा काम... ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ पर फूड रेगुलेटर सख्त, पूछा— बिना वैध लाइसेंस वाले ब्रांड कैसे बेच रहे?"

11 Jul 2026  |  839

 

 

नई दिल्ली:

अगर आप भी 10 मिनट में घर पर राशन या खाने-पीने का सामान डिलीवर करने वाली क्विक कॉमर्स ऐप्स के भरोसे रहते हैं, तो यह खबर आपको सावधान करने वाली है। देश की शीर्ष खाद्य सुरक्षा नियामक संस्था फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने दिग्गज क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म 'स्विगी इंस्टामार्ट' (Swiggy Instamart) पर बड़ा शिकंजा कसा है। FSSAI ने नियमों के उल्लंघन और ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ के आरोपों को लेकर कंपनी को एक-दो नहीं, बल्कि 9 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

खराब अंडे, दूषित दूध और एक्सपायर्ड प्रोटीन पाउडर

FSSAI के पास ग्राहकों की तरफ से स्विगी इंस्टामार्ट के खिलाफ शिकायतों का अंबार लगा था। जांच में जो बातें सामने आईं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं:

एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स: ग्राहकों को एक्सपायरी डेट निकल चुके व्हे प्रोटीन (Whey Protein) और स्नैक्स डिलीवर किए गए।

दूषित पैकेज्ड फूड: कई शिकायतों में ऑर्गेनिक अंडों से भयंकर बदबू आने, दूध के दूषित होने और अन्य पैकेज्ड फूड आइटम्स की गुणवत्ता बेहद खराब होने की बात कही गई।

'सिर्फ रिफंड देना समाधान नहीं, ठोस एक्शन जरूरी'

नियामक ने कंपनी की शिकायत निवारण नीति (Customer Support) पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। FSSAI के मुताबिक, कई ग्राहकों ने पहले कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क किया था। लेकिन कंपनी ने फूड सेफ्टी जैसे गंभीर मसले पर कोई सुधारात्मक कदम उठाने के बजाय, सिर्फ पैसे वापस (Refund) करके मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की। FSSAI ने साफ किया कि खाद्य सुरक्षा के मामलों में महज रिफंड देना कोई स्थायी समाधान नहीं है।

बिना वैध लाइसेंस वाले ब्रांड्स की बिक्री का भी खुलासा

जांच के दौरान एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। FSSAI ने पाया कि स्विगी इंस्टामार्ट पर कुछ खाद्य उत्पाद ऐसे गुप्त या नए नामों से बेचे जा रहे थे, जो संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) के आधिकारिक लाइसेंस रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं थे। रेगुलेटर ने कंपनी को सख्त निर्देश दिया है कि बिना वैध लाइसेंस वाले किसी भी ब्रांड या उत्पाद की बिक्री और उसका प्रचार तुरंत बंद किया जाए।

FSSAI ने इन 7 प्रमुख बिंदुओं पर मांगा जवाब

फूड रेगुलेटर ने स्विगी इंस्टामार्ट को पूरी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है और इन अहम सवालों पर जवाब मांगा है:

प्लेटफॉर्म पर नए विक्रेताओं (Onboarding) को जोड़ने की क्या प्रक्रिया है?

फूड सेफ्टी नियमों का पालन किस स्तर पर हो रहा है?

प्रोडक्ट्स की ट्रेसबिलिटी (उत्पादन और एक्सपायरी की जानकारी) का क्या सिस्टम है?

खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी कैसे की जाती है?

ग्राहकों की शिकायतों का निपटारा सिर्फ रिफंड के अलावा कैसे होता है?

डार्क स्टोर्स और फूड बिजनेस ऑपरेशंस की मॉनिटरिंग का क्या तरीका है?

कंपनी का क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम फेल क्यों हुआ?

सोशल मीडिया और सबूतों पर पैनी नजर

FSSAI अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई ग्राहकों द्वारा दिए गए फोटो और पुख्ता सबूतों के आधार पर की गई है। रेगुलेटर ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर आने वाली शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर इन कंपनियों के डार्क स्टोर्स से सैंपल लेकर सरकारी लैब में जांच कराई जाएगी।

कंपनियों के लिए कड़ा संदेश:

देश में क्विक कॉमर्स और ऑनलाइन ग्रॉसरी का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में FSSAI का यह कदम साफ संकेत देता है कि मुनाफा कमाने की होड़ में ग्राहकों की सेहत और सुरक्षा को ताक पर रखने वाली कंपनियों को अब भारी कानूनी और नियामकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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