वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) एक बार फिर विनाशकारी महायुद्ध की कगार पर आकर खड़ा हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब तक के सबसे खतरनाक और सैन्य टकराव के स्तर पर पहुंच चुका है। ईरान की नौसेना द्वारा वैश्विक व्यापार के लाइफलाइन माने जाने वाले 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने के ऐलान के बाद, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ भीषण सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। यह ताजा टकराव दुनिया भर के तेल और गैस सप्लाई चेन के लिए एक बड़े वैश्विक संकट के रूप में उभर रहा है।
विवाद की वजह: जहाज पर हमला और होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी
तनाव की शुरुआत तब हुई जब ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) की नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज 'M/V GFS गैलेक्सी' को निशाना बनाया। ईरान का दावा है कि जहाज ने समुद्री नियमों का पालन नहीं किया और चेतावनी के बावजूद नेविगेशन सिस्टम बंद रखा। इस हमले के कारण जहाज के इंजन को भारी नुकसान पहुंचा, उसमें आग लग गई और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया। इस हमले के तुरंत बाद ईरान ने अगले आदेश तक होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का फरमान सुना दिया।
अमेरिका का पलटवार: 7 शहरों के 12 से अधिक ठिकानों पर बमबारी
ईरान के इस कदम पर भड़कते हुए अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भीषण जवाबी कार्रवाई की। अमेरिका ने बहरीन स्थित अपने सैन्य बेस से ताबड़तोड़ मिसाइलें दागकर ईरान के 7 प्रमुख शहरों के 12 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया।
प्रभावित मुख्य क्षेत्र: चाबहार, बुशहर, बंदर अब्बास और सिरिक जैसे रणनीतिक शहरों में अमेरिकी बमबारी के बाद भीषण धमाके सुने गए हैं।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान को इस दुस्साहस की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए ईरान को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
सीजफायर पूरी तरह टूटा
इससे पहले 7 जुलाई को भी ईरान ने सऊदी अरब और कतर के तीन जहाजों को निशाना बनाया था, जिसके बाद अमेरिका ने महीने भर के भीतर ही युद्धविराम (सीजफायर) का समझौता तोड़ते हुए ईरान पर लगातार दो दिन हमले किए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद पुष्टि की है कि अब समझौता टूट चुका है और ईरान से किसी भी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी।
पिता की मौत का बदला लेंगे मुज्तबा खामेनेई
उधर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन और सुपुर्द-ए-खाक होने के बाद, उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई ने देश के नाम अपने पहले संबोधन में युद्ध के अंगारे भड़का दिए हैं। उन्होंने अपने पिता की मौत का बदला लेने की कसम खाते हुए कहा, "हम दुश्मनों को सीधे कब्र तक पहुंचाएंगे, इसके लिए हिट लिस्ट तैयार की जा रही है। जब तक पश्चिम एशिया से अमेरिकी दखल खत्म नहीं होता, तब तक जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं होगी।"
डोनाल्ड ट्रंप की फाइनल वॉर्निंग: '1000 मिसाइलें हैं तैयार'
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त और सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा, "यदि ईरान अमेरिकी हितों, हमारी सुरक्षा या मेरी हत्या की कोशिश में शामिल होता है, तो ईरान पर ऐसी भीषण बमबारी होगी जो दुनिया ने कभी नहीं देखी होगी।"
ट्रंप ने हुंकार भरते हुए कहा कि अमेरिका की 1000 मिसाइलें इस वक्त 'लॉक्ड एंड लोडेड' (दागे जाने के लिए पूरी तरह तैयार) स्थिति में हैं और जरूरत पड़ते ही इन्हें ईरान की धरती को तबाह करने के लिए छोड़ दिया जाएगा। दुनिया भर के नीति विश्लेषक इस टकराव को तीसरे विश्व युद्ध की आहट के रूप में देख रहे हैं।