मानसून का डबल अटैक: कहीं भारी बारिश और बिजली का तांडव, तो कहीं सूखे के संकट से बढ़ी चिंता!

बिहार, यूपी और पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट; मानसून कमजोर होने से देश में बारिश का घाटा बढ़कर हुआ 18%

13 Jul 2026  |  1163

 

 

नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया है। एक तरफ जहां उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और मूसलाधार बारिश का अलर्ट है, वहीं दूसरी तरफ मानसून की बेरुखी के कारण देश के कई कृषि प्रधान राज्यों में सूखे का संकट गहराता जा रहा है।

इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।

भारी बारिश वाले राज्य: बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय।

आंधी-तूफान और बिजली का कहर: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में तेज हवाओं के साथ आसमानी बिजली गिरने की आशंका है।

IMD की चेतावनी: भारी बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बाढ़, जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं आ सकती हैं। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

क्षेत्रीय मौसम का हाल: एक नज़र में

क्षेत्रमौसम का पूर्वानुमान
दिल्ली-NCRसोमवार को भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं, लेकिन पूरे सप्ताह हल्की बौछारें और छिटपुट बारिश जारी रहेगी।
राजस्थानआने वाले दिनों में मानसून कमजोर रहेगा। मौसम शुष्क रहने के साथ पश्चिमी हिस्सों में धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं।
दक्षिण व पश्चिम भारतकेरल, कर्नाटक, कोंकण, गोवा और तेलंगाना में बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र में छिटपुट बारिश होगी।

 

चिंताजनक: देश में 18% पहुंचा बारिश का घाटा, खेती को झटका

राहत की बौछारों के बीच एक परेशान करने वाली खबर भी सामने आई है। जून के अंत में जो बारिश की कमी घटकर 14% रह गई थी, वह मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण बढ़कर 18% हो गई है।

15 राज्यों में हाहाकार: बिहार, झारखंड, पंजाब, गुजरात, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना सहित देश के 15 राज्यों में 1 जून से 12 जुलाई के बीच सामान्य से 20% से लेकर 73% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

पूर्वोत्तर में सबसे बुरा हाल: कमजोर मानसूनी गतिविधियों के चलते पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सबसे ज़्यादा 37% का बड़ा घाटा देखा गया है।

खेती पर असर: मुख्य मानसूनी कृषि क्षेत्रों में सिंचाई के सीमित साधनों के कारण खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर है। बारिश की इस कमी से पिछले सप्ताह बुआई गतिविधियों में हुए सुधार को बड़ा झटका लगा है, और पिछले साल की तुलना में इस बार सभी मुख्य फसलों का बुआई क्षेत्र कम दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का मानना है कि इस सप्ताह होने वाली बारिश इस बड़े घाटे को पाटने के लिए नाकाफी होगी।

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