बैंकॉक के पब में लगी भीषण आग, 27 लोगों की दर्दनाक मौत; 63 झुलसे, बाहर निकलने का रास्ता न मिलने से बाथरूम के पास मलबे में तब्दील हुईं जिंदगियां!

63 झुलसे, धमाके के बाद फैला ऐसा घना धुआं कि दम घुटने से चली गई ज्यादातर मासूमों की जान

13 Jul 2026  |  935

 

 

बैंकॉक (थाईलैंड): थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। सोमवार तड़के सोई लाट फ्राओ 1 रोड के पास स्थित 'ना लाडप्राओ' भोजनालय (पब) में अचानक भीषण आग लग गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक 27 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 18 महिलाएं और 9 पुरुष शामिल हैं। वहीं, 63 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, 22 घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

मौत का जाल बना बाथरूम: नहीं मिला भागने का रास्ता

प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के मुताबिक, पब में जब आग लगी तो वहां भारी भीड़ मौजूद थी। आग की लपटों और घने धुएं से बचने के लिए लोग बदहवास होकर पब के पिछले हिस्से की तरफ भागे।

अंधेरा और घुटन: कई पीड़ितों ने पब के बाथरूम में छिपकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन वहां से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। दम घुटने के कारण ज्यादातर लोगों के शव बाथरूम के पास ही मिले।

चश्मदीदों की जुबानी: "जलते कपड़ों में भाग रहे थे लोग"

ब्लास्ट और ब्लैकआउट: पब के म्यूज़िक बैंड के एक सदस्य ने बताया कि मंच के पास लगे सर्किट ब्रेकर से पहले धुआं निकला, जिसके तुरंत बाद बिजली गुल हो गई और एक जोरदार धमाका हुआ। देखते ही देखते पूरा परिसर घने काले धुएं से भर गया।

मदद की पुकार: चारों तरफ सिर्फ अंधेरा और धुआं था। लोग जमीन पर गिरकर मदद के लिए चिल्ला रहे थे।

मददगार बने टैक्सी चालक: पब के बाहर मौजूद एक मोटरसाइकिल टैक्सी चालक सुरिन जयहारन ने बताया कि उन्होंने प्रवेश द्वार से लपटें निकलती देखीं। लोग जलते कपड़ों में बाहर भाग रहे थे, जिनकी आग बुझाने के लिए उन्होंने अपने कपड़ों का इस्तेमाल किया और उन्हें वहां से निकाला।

फैक्ट फाइल: हादसे की बड़ी बातें

धुआं बना काल: दमकलकर्मियों के अनुसार, आग उतनी भीषण नहीं थी, जितनी तेजी से उसका धुआं छत तक फैला। ज्यादातर मौतें आग से जलने के बजाय ऑक्सीजन की कमी और दम घुटने के कारण हुईं।

बचाव कार्य में बाधा: सूचना मिलने के 5 मिनट के भीतर रेस्क्यू टीमें पहुंच गईं, लेकिन अंदर फैली अव्यवस्था और भारी धुएं के कारण ऑक्सीजन मास्क पहने बचावकर्मियों को शवों को बाहर निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।

दवा और जांच: बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सिट्टीरंट ने कहा कि पब के पास सभी आवश्यक अनुमतियां थीं और निकास द्वार भी थे, लेकिन लोग सही समय पर सही रास्ता नहीं ढूंढ पाए।

जांच के घेरे में सुरक्षा इंतजाम: इतिहास ने खुद को दोहराया

थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या आपातकालीन निकास द्वार बंद थे या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था।

गौरतलब है कि बैंकॉक में नाइटक्लबों में आगजनी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले साल 2022 में माउंटेन बी नाइटक्लब में लगी आग में 25 लोगों की मौत हुई थी, जबकि साल 2009 में संतिका क्लब हादसे ने 67 लोगों की जान ले ली थी। इस ताजा हादसे ने एक बार फिर पब और क्लबों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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