हाजीपुर (वैशाली) / पटना
बिहार में नीतीश सरकार के उपमुख्यमंत्री और विभागीय मुख्यमंत्री (राजस्व एवं भूमि सुधार) सम्राट चौधरी ने राज्य के बुजुर्गों को एक बड़ी सौगात दी है। अब बिहार के 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री (निबंधन) कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सरकार ने उनके लिए घर बैठे ही 'होम रजिस्ट्री' की अत्याधुनिक, डिजिटल और पूरी तरह पेपरलेस सुविधा शुरू कर दी है।
वैशाली (हाजीपुर) के जिला निबंधन कार्यालय में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री चौधरी ने इस अत्याधुनिक 'होम रजिस्ट्री डिजिटल सिस्टम' का विधिवत शुभारंभ किया।
सिस्टम की 4 महत्वपूर्ण डिजिटल सेवाएं लॉन्च
बिहार को डिजिटल शासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने इस नई प्रणाली के तहत चार क्रांतिकारी सेवाओं की शुरुआत की है:
होम रजिस्ट्रेशन: बुजुर्गों के लिए घर बैठे ही निबंधन की सुविधा।
भूमि संबंधी ऑनलाइन जांच: जमीन के रिकॉर्ड्स की डिजिटल पड़ताल।
पेपरलेस निबंधन: बिना किसी कागजी झंझट के पूरी तरह डिजिटल रजिस्ट्री।
GIS तकनीक से स्थल निरीक्षण: जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) के जरिए जमीनों का सटीक डिजिटल मुआयना।
उम्र सीमा में बड़ी छूट और मोबाइल यूनिट को हरी झंडी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि पहले यह पेपरलेस निबंधन प्रणाली केवल 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिकों के लिए तय की गई थी। लेकिन सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सहूलियत को देखते हुए इस उम्र सीमा को घटाकर अब 75 वर्ष कर दिया है। अब 75 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक इस बेहद सुगम सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों के घर जाकर निबंधन प्रक्रिया को पूरा करने वाले विशेष 'मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट' वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
83 वर्षीय अवधेश कुमार बने बिहार के पहले डिजिटल लाभार्थी
कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक का शानदार नजारा तब देखने को मिला जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के पहले डिजिटल निबंधन का लाइव प्रदर्शन किया गया।
सफल लाइव डेमो: सूबे के 83 वर्षीय बुजुर्ग अवधेश कुमार इस नई डिजिटल सेवा का लाभ प्राप्त करने वाले बिहार के पहले नागरिक बने। उनके निबंधन की पूरी प्रक्रिया को कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों और अधिकारियों को लाइव स्क्रीन पर दिखाया गया।
आम आदमी की 'ईज ऑफ लिविंग' बढ़ाना सरकार का लक्ष्य
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाना (Ease of Living) है। उन्होंने जोर देकर कहा:
"आज से होम रजिस्ट्रेशन की यह अनूठी सुविधा बिहार के लाखों बुजुर्गों को उनके घर पर ही उपलब्ध कराई जा रही है। हम सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और समयबद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बिहार अब डिजिटल गवर्नेंस के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।"
इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल वरिष्ठ नागरिकों को शारीरिक भाग-दौड़ से मुक्ति मिलेगी, बल्कि जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी और दलाली पर भी पूरी तरह से लगाम कसेगी।