नक्सलियों का सीक्रेट 'बैंक' और हथियारों का जखीरा तबाह: सरेंडर कर चुके माओवादियों की निशानदेही पर छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक

जमीन के नीचे छिपा था सोने का बिस्कुट, नकदी और बारूद; दंतेवाड़ा-कांकेर बॉर्डर पर चौतरफा एक्शन, बौखलाए नक्सलियों के मंसूबे हुए नाकाम।

13 Jul 2026  |  1039

 

 

दंतेवाड़ा / कांकेर

छत्तीसगढ़ में जारी नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को एक और बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। दंतेवाड़ा और कांकेर जिलों के सीमावर्ती जंगलों में चलाए गए एक व्यापक संयुक्त सर्च ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के एक बहुत बड़े 'डंप' (छिपाए गए गुप्त ठिकाने) को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, विस्फोटक सामग्री, 2 लाख रुपये नकद और चौंकाने वाली बात यह है कि 116 ग्राम सोने का बिस्कुट भी बरामद किया गया है।

जब्त किए गए पूरे सामान की कुल कीमत करीब 18 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट चुके पूर्व माओवादियों से मिली सटीक और खुफिया जानकारी के आधार पर की गई है।

दंतेवाड़ा: पूर्व नक्सलियों की 'सटीक टिप' पर जमीन खोदकर निकाला सोना

पहली बड़ी कामयाबी दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तोड़मा गांव के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में मिली। हाल ही में हथियार डाल चुके कुछ नक्सलियों ने पूछताछ में सुरक्षाबलों को जंगलों में छिपे इस गुप्त 'लॉजिस्टिक्स डंप' की जानकारी दी थी।

जब जिला पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने बताए गए स्थान पर खुदाई की, तो वहां से नक्सलियों की 'अवैध कमाई' और हथियारों का जखीरा बरामद हुआ। बरामद सामान में शामिल हैं:

सोना और नकदी: 116 ग्राम शुद्ध सोने का बिस्कुट और 2 लाख रुपये कैश।

युद्ध सामग्री: सुरक्षाबलों को भारी नुकसान पहुंचाने के इरादे से छिपाकर रखे गए घातक हथियार, जिंदा कारतूस और बारूद।

कांकेर: नारायणपुर बॉर्डर पर राइफलें और टेक-गैजेट्स बरामद

नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत दूसरी बड़ी कार्रवाई कांकेर और नारायणपुर जिले के बॉर्डर पर स्थित कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में की गई। यहाँ 11 जुलाई को जिला पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की एक संयुक्त टीम गश्त और सर्चिंग के लिए निकली थी।

आलपरस और गुमचुर के बीच घने पहाड़ी जंगलों में सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों को नक्सलियों का एक और बड़ा ठिकाना मिला। इस डंप से जो चीजें बरामद हुई हैं, वे यह साबित करती हैं कि नक्सली अब हाइटेक कम्युनिकेशन का सहारा ले रहे थे:

श्रेणीबरामद किया गया सामान
हथियार एवं गोला-बारूद02303 राइफल और 31 जिंदा कारतूस
इलेक्ट्रॉनिक्स और गैजेट्स01 लैपटॉप, 01 टैबलेट, वायरलेस बैटरी, रेडियो और चार्जर
अन्य सामग्रीभारी मात्रा में नक्सली वर्दी और नक्सली साहित्य (Naxal Literature)

 

बौखलाहट में नक्सली: टूट रहा है खुफिया नेटवर्क

बस्तर रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर लगातार माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। सरेंडर करने वाले इन माओवादियों से मिल रहे इनपुट्स के कारण अब सुरक्षाबल सीधे नक्सलियों के सबसे सुरक्षित ठिकानों और उनके गुप्त खजाने तक पहुंच रहे हैं। इस रणनीतिक बढ़त से नक्सलियों का पूरा नेटवर्क और हौसला टूट चुका है। क्षेत्र में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन अभी भी लगातार जारी है।

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