मंत्री नितेश राणे के 'औरंगजेब' वाले बयान पर किया पलटवार: प्रियंका चतुर्वेदी का तीखा हमला: बोलीं- 'SIT जांच सिर्फ मोहरों के लिए, असली गुनहगारों को बचा रहा RSS'

मंत्री नितेश राणे के 'औरंगजेब' वाले बयान पर किया पलटवार; कहा— मंत्री पद की गरिमा नहीं समझते राणे, CBI जांच से क्यों भाग रही है सरकार? महाराष्ट्र की सियासत और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी और महायुति सरकार के मंत्री नितेश राणे के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

13 Jul 2026  |  907

 

 

मुंबई / अयोध्या

अयोध्या राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा घोटाले को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। इस विवाद के बीच महाराष्ट्र की महायुति सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे द्वारा विपक्षी दलों को 'औरंगजेब का वंशज' बताए जाने पर शिवसेना (UBT) की वरिष्ठ नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने तीखा और करारा पलटवार किया है। प्रियंका चतुर्वेदी ने नितेश राणे के बयानों को सिरे से खारिज करते हुए आरएसएस (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

'नितेश राणे मंत्री पद की गरिमा नहीं समझते'

मंत्री नितेश राणे के 'औरंगजेब के वंशज' वाले बयान पर गहरी नाराजगी जताते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वह ऐसे बयानों को तवज्जो देना जरूरी नहीं समझतीं। उन्होंने कहा:

"मैं उनके बयान पर कोई जवाब देना पसंद नहीं करूंगी। वह रोज सुबह उठकर कुछ न कुछ उल्टा-सीधा और ऊल-जुलूल बयान देते रहते हैं। एक जिम्मेदार मंत्री पद पर होने के बावजूद वह उस पद की गरिमा और मर्यादा को नहीं समझते हैं। इसलिए मैं इस पर और कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।"

'500 साल की लड़ाई के बाद बने मंदिर में हुआ स्कैम, RSS के लिए शर्मनाक'

चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी (SIT) की जांच और इस पर आरएसएस के रुख को लेकर प्रियंका चतुर्वेदी ने तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) लगातार धर्म और भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण को लेकर अपनी पीठ थपथपा रहा था, लेकिन आज यह बेहद शर्मनाक स्थिति है कि मंदिर के चढ़ावे की जिम्मेदारी जिन लोगों को दी गई थी, वे आरएसएस और विहिप (VHP) से ही जुड़े थे।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा:

जिम्मेदारी से भागने का आरोप: 500 साल की लंबी लड़ाई और संघर्ष के बाद यह भव्य मंदिर बना था। ऐसे में इसके संरक्षण की जिम्मेदारी दोगुनी हो जाती है। लेकिन अब जिम्मेदारी से भागकर घोटालेबाजों का बचाव किया जा रहा है।

विपक्ष पर राजनीति का आरोप गलत: जब विपक्ष इस चोरी पर सवाल उठा रहा है, तो आरएसएस कह रहा है कि धर्म को टारगेट किया जा रहा है और इसका राजनीतिकरण हो रहा है। धर्म को कोई और नहीं, बल्कि हमारे ही धर्म के कुछ लोग चंदा चोरी करके बदनाम कर रहे थे और ट्रस्टीज़ आंखें बंद किए बैठे थे। क्या इस पर आवाज नहीं उठनी चाहिए?

CBI जांच से क्यों कतरा रही है बीजेपी सरकार?

शिवसेना (UBT) की नेता ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि यदि इस मामले में कोई राजनीतिकरण नहीं हो रहा था, तो बीजेपी शासित यूपी सरकार ने इस मामले की जांच सीधे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को क्यों नहीं सौंपी?

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में चल रही एसआईटी (SIT) जांच के जरिए केवल छोटे कर्मचारियों या मोहरों को जेल में डाला जा रहा है, जबकि इस महाघोटाले के पीछे छिपे असली जिम्मेदार और रसूखदार लोगों को बचाने का काम आरएसएस और वीएचपी के संरक्षण में किया जा रहा है।

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