मणिपुर के सेनापति में भारी बवाल: सर्च ऑपरेशन के बाद भड़की हिंसा, असम राइफल्स के कैंप पर भीड़ का हमला, गाड़ियां फूंकीं, आंसू गैस के गोले छोड़े

सर्च ऑपरेशन के बाद भड़की हिंसा; उग्र भीड़ ने सैन्य वाहनों को निशाना बनाया, भारी सुरक्षाबल तैनात

15 Jul 2026  |  1180

 

 

इम्फाल/सेनापति।

मणिपुर के सेनापति जिले में एक बार फिर सुरक्षाबलों और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की गंभीर घटना सामने आई है। इलाके में असम राइफल्स द्वारा चलाए गए एक तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) से नाराज उग्र भीड़ ने पैरामिलिट्री फोर्स के जिला मुख्यालय वाले कैंप पर धावा बोल दिया। भीड़ ने न केवल कैंप पर पथराव किया, बल्कि बाहर खड़ी सुरक्षाबलों की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।

खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ था सर्च ऑपरेशन

रक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को मकुइलॉन्गडी इलाके में हथियारबंद कैडरों की मौजूदगी की पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी।

सीजफायर नियमों का उल्लंघन: यह इलाका प्रतिबंधित संगठन NSCN (IM) के तय ओकलॉन्ग कैंप से करीब 2 किलोमीटर दूर है। खुफिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों से पता चला था कि हथियारबंद कैडर तय सीमा से बाहर यूनिफॉर्म और हथियारों के साथ खुलेआम घूम रहे थे, जो सीधे तौर पर सीजफायर नियमों का उल्लंघन था।

ग्रामीणों ने रोका रास्ता: जब असम राइफल्स की टुकड़ियां मकुइलोंगडी और ओकलॉन्ग गांवों की ओर बढ़ीं, तो स्थानीय निवासियों ने उनका रास्ता रोक दिया, जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

रात 9:30 बजे कैंप पर धावा, गाड़ियां फूंकीं और शेड जलाया

तनाव बढ़ने के बाद सेनापति शहर में अचानक भारी भीड़ जमा होने लगी। देखते ही देखते करीब रात 9:30 बजे उग्र भीड़ नागा तापहो इलाके में स्थित असम राइफल्स के मुख्य कैंप तक पहुंच गई।

सुरक्षा बलों की टुकड़ियों के पीछे हटने के बावजूद, उग्र भीड़ ने कैंप पर पथराव शुरू कर दिया और भारी तोड़फोड़ की।

वाहनों को बनाया निशाना: भीड़ ने सुरक्षाबलों की गाड़ियों में तोड़फोड़ की। एक सरकारी गाड़ी और एक निजी कार को पूरी तरह फूंक दिया गया, जबकि दो सैन्य ट्रकों को पलटकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

वेटिंग शेड में आगजनी: कैंप के ठीक सामने बने यात्रियों के वेटिंग शेड को भी भीड़ ने आग के हवाले कर दिया।

पुलिस और सीआरपीएफ ने संभाला मोर्चा, दागे आंसू गैस के गोले

हालात बेकाबू होते देख तुरंत मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) की अतिरिक्त कंपनियों को मौके पर तैनात किया गया।

न्यूनतम बल का प्रयोग: स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए सुरक्षाबलों ने बेहद संयम बरतते हुए कम से कम बल का प्रयोग किया।

भीड़ को किया तितर-बितर: हिंसक भीड़ को पीछे धकेलने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए और हवाई फायरिंग (खाली राउंड कारतूस) की गई। आधी रात के बाद स्थिति पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।

फिलहाल हालात नियंत्रण में, कोई हताहत नहीं

राहत की बात यह है कि इस पूरी हिंसक झड़प में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। रक्षा विभाग की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि फिलहाल सेनापति जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण बनी हुई है। इलाके में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और सुरक्षाबल लगातार स्थानीय नागरिक समाज संगठनों (CSOs) के साथ बातचीत कर रहे हैं।

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