दुबई / नई दिल्ली।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अपने एक अप्रत्याशित फैसले से क्रिकेट जगत को पूरी तरह हैरान कर दिया है। जय शाह की अध्यक्षता में आयोजित आईसीसी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में आगामी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 के फॉर्मेट को अचानक बदलने का ऐतिहासिक ऐलान किया गया है। नए बदलाव के तहत टूर्नामेंट में 'सुपर-7' नाम से एक बिल्कुल नया राउंड शामिल किया गया है। आईसीसी के इस फैसले के साथ ही खेल गलियारों में यह चर्चा और विवाद तेज हो गया है कि क्या यह पूरा फेरबदल सिर्फ भारत और पाकिस्तान के बीच ज्यादा से ज्यादा मुकाबले आयोजित कर रिकॉर्ड रेवेन्यू (कमाई) बटोरने के लिए किया गया है?
क्या है वर्ल्ड कप 2027 का नया फॉर्मेट?
साल 2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना है। इस बार टूर्नामेंट में 14 टीमें हिस्सा ले रही हैं। पहले उम्मीद की जा रही थी कि यह साल 2003 की तरह खेला जाएगा (जिसमें सुपर-6 राउंड होता था), लेकिन आईसीसी ने इसे अचानक बदल दिया है:
ग्रुप स्टेज: मुख्य राउंड में जाने वाली 12 टीमों को 6-6 के दो ग्रुप में बांटा जाएगा।
सुपर-7 राउंड (नया प्रयोग): दोनों ग्रुप से शीर्ष 3-3 टीमें (कुल 6 टीमें) सीधे अगले राउंड में पहुंचेंगी। वहीं, सातवीं टीम दोनों ग्रुप की 'चौथी बेस्ट टीम' होगी।
सेमीफाइनल की राह: सुपर-7 राउंड में ये सातों टीमें राउंड-रॉबिन के तहत एक-दूसरे से भिड़ेंगी। इस राउंड के बाद अंक तालिका की शीर्ष-4 टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी।
क्या भारत-पाकिस्तान भिड़ंत है असली वजह?
भारत और पाकिस्तान का मैच आईसीसी और ब्रॉडकास्टर्स के लिए सबसे बड़ा खजाना है। पिछले दो वनडे वर्ल्ड कप में 10-10 टीमें थीं और राउंड-रॉबिन के कारण दोनों के बीच अधिकतम दो ही मैचों की संभावना थी। लेकिन पाकिस्तान के लीग स्टेज में ही बाहर हो जाने के कारण ब्रॉडकास्टर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
नए फॉर्मेट से कैसे बढ़ेंगी 3 महामुकाबलों की संभावनाएं?
यह जगजाहिर है कि आईसीसी ग्रुप स्टेज में भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखती है। अब नए फॉर्मेट के तहत समीकरण कुछ ऐसे बन रहे हैं:
पहला मुकाबला (ग्रुप स्टेज): दोनों टीमें पहले राउंड में एक-दूसरे से भिड़ेंगी।
दूसरा मुकाबला (सुपर-7): उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही दुनिया की 7 बेस्ट टीमों में जगह बना लेंगे। ऐसे में सुपर-7 राउंड में दोनों के बीच दूसरी भिड़ंत तय होगी।
तीसरा मुकाबला (सेमीफाइनल/फाइनल): यदि दोनों टीमें नॉकआउट स्टेज में पहुंचती हैं, तो सेमीफाइनल या सीधे फाइनल में तीसरी बार खिताबी जंग देखने को मिल सकती है।
आईसीसी के इरादों पर उठ रहे सवाल
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि आईसीसी इस नए 'सुपर-7' फॉर्मेट को लेकर चाहे जो भी तकनीकी तर्क दे, लेकिन इसके पीछे ब्रॉडकास्टर्स के रेवेन्यू को सुरक्षित करने और भारत-पाकिस्तान के हाई-वोल्टेज मैचों से मिलने वाली भारी-भरकम टीआरपी बटोरने की मंशा साफ दिखाई दे रही है। बहरहाल, इस बदलाव से फैंस को वर्ल्ड कप में पहले से ज्यादा कांटे के मुकाबले देखने को मिलेंगे।