पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भारी भीड़ से मची अफरा-तफरी, 100 से अधिक श्रद्धालु घायल; एक की मौत की आशंका

25 लाख से अधिक भक्तों की भारी भीड़ से गूंजा बड़दांड; सुरक्षा के लिए 14 हजार जवान और एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात, 27 जुलाई को होगा समापन। भव्य उत्सव के दौरान 'ग्रैंड रोड' पर बढ़ा दबाव; ओडिशा पुलिस और रेस्क्यू टीम ने तुरंत संभाला मोर्चा, कई लोगों को दिया गया ऑक्सीजन सपोर्ट

16 Jul 2026  |  2061

 

पुरी (ओडिशा): ओडिशा के पुरी में गुरुवार (16 जुलाई) को विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा उत्सव के दौरान एक दुखद घटना सामने आई है। रथों को खींचने और महाप्रभु के दर्शन के लिए उमड़े लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण अचानक अफरा-तफरी और भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए। इस हादसे में कम से कम 100 श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, दम घुटने के कारण एक श्रद्धालु की मौत होने की भी आशंका जताई जा रही है।

दर्शन और रथ खींचने की होड़ में बढ़ा दबाव

शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह घटना पुरी के मुख्य मार्ग 'बड़ा डांडा' (ग्रैंड रोड) पर हुई।

अचानक बढ़ी धक्का-मुक्की: लाखों की संख्या में मौजूद श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के करीब पहुंचने और उन्हें खींचने का इंतजार कर रहे थे।

सांस लेने में हुई तकलीफ: इसी दौरान एक निश्चित स्थान पर भीड़ का दबाव अत्यधिक बढ़ गया और अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई। भीड़ के इस जबरदस्त रेले के कारण कई श्रद्धालुओं का दम घुटने लगा और वे बेहोश होकर जमीन पर गिरने लगे।

प्रशासन मुस्तैद: फायर सर्विस और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के तुरंत बाद मौके पर तैनात प्रशासनिक अमला और सुरक्षा बल तुरंत हरकत में आए, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। प्रभावित श्रद्धालुओं को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

"ओडिशा फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की स्पेशल रेस्क्यू यूनिट (SRU) ने मुस्तैदी दिखाते हुए भारी भीड़ के बीच फंसे 33 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। बचाए गए लोगों को मौके पर ही तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।" — ओडिशा पुलिस (सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी बयान)

अस्पतालों में अलर्ट, स्थिति पर नजर

फिलहाल सभी घायल श्रद्धालुओं का इलाज पुरी के स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक भीड़ में दम घुटने और गर्मी के कारण कई लोग 'हिट स्ट्रोक' और डिहाइड्रेशन का शिकार भी हुए हैं। प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया है और रथ यात्रा को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

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