झारखंड में सियासी संग्राम: 'कांग्रेस सिर्फ सायरन बजाने वाली पार्टी'— BJP के तंज पर JMM-कांग्रेस का जोरदार पलटवार

गठबंधन में 'दूल्हे के फूफा' जैसी हुई कांग्रेस की हालत— प्रतुल शाह देव; विपक्ष का जवाब— "BJP को 'हेमंत फोबिया' है, केंद्र की मजबूर सरकार खुद को संभाले!"

16 Jul 2026  |  834

 

 

राँची: झारखंड की सियासत में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी तीर अब बेहद तीखे हो चुके हैं। राज्य की गठबंधन सरकार को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) व कांग्रेस के बीच आमने-सामने की जंग छिड़ गई है। BJP ने जहाँ कांग्रेस और राजद (RJD) के वजूद पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'दूसरे दर्जे की पार्टी' करार दिया है, वहीं सत्तापक्ष ने भी पलटवार करते हुए BJP को 'हेमंत फोबिया' से ग्रसित बता दिया है।

1. "दूल्हे के फूफा की तरह रूठते हैं कांग्रेस के मंत्री"— BJP का तीखा तंज

भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने गठबंधन सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए दावा किया कि राज्य में नीतिगत फैसले लेते समय मुख्यमंत्री कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को कोई तवज्जो नहीं देते। उन्होंने बेहद कड़े और मजाकिया लहजे में कहा:

"यहाँ कहने को तो गठबंधन है, लेकिन हकीकत में यह सिर्फ झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। कांग्रेस इस सरकार में दूसरे दर्जे की पार्टी बन चुकी है और राजद का कोई वजूद ही नहीं बचा है। कांग्रेसियों की हालत तो 'दूल्हे के फूफा' की तरह है, जो हर बात पर रूठते जरूर हैं, लेकिन फिर खुद ही बारात में शामिल हो जाते हैं। JMM इन्हें हर बार जलील करती है, फिर भी कांग्रेस के नेता सिर्फ अपनी गाड़ियों पर सायरन बजाने के लिए मंत्री पद पर चिपके हुए हैं।"

2. "झारखंड से BJP का नामो-निशान मिट जाएगा"— कांग्रेस का पलटवार

BJP के इस हमले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलोक दुबे ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया। उन्होंने कहा कि BJP सरकार को गिराने के अपने इरादों में बुरी तरह नाकाम रही है।

सारे हथकंडे हुए फेल: "BJP ने सरकार को अपदस्थ करने के लिए मुख्यमंत्री को जेल भेजने समेत सारे हथकंडे अपना लिए, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए। जब सरकार हमारी है, तो BJP के पेट में दर्द क्यों हो रहा है?"

विश्वासघात का लगाया आरोप: बिहार का जिक्र करते हुए आलोक दुबे ने कहा कि BJP ने वहाँ चुनी हुई सरकार को धोखा दिया, लेकिन उस पर वे मौन हैं।

दशकों तक नहीं होगी वापसी: उन्होंने दावा किया कि झारखंड में गठबंधन की सरकार बेहद मजबूत है और आने वाले कई दशकों तक राज्य में BJP का नामो-निशान नहीं रहेगा। अगर किसी ने सरकार को चुनौती देने की कोशिश की, तो जनता उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देगी।

3. "मजबूर सरकार देखनी है तो केंद्र में देखें"— JMM का करारा जवाब

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी इस विवाद में कूदते हुए BJP को आत्ममंथन करने की नसीहत दे डाली। JMM प्रवक्ताओं ने कहा कि झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में एक बेहद मजबूत और जनहितैषी सरकार चल रही है।

"अगर BJP को एक मजबूर और लाचार सरकार का उदाहरण देखना है, तो उन्हें दिल्ली में बैठी केंद्र की NDA सरकार को देखना चाहिए। वहाँ जीतन राम मांझी और चिराग पासवान जैसे सहयोगियों की क्या स्थिति है, यह किसी से छिपी नहीं है। हमारी सरकार बेहतर काम कर रही है, इसीलिए BJP के नेता बौखलाए हुए हैं और 'हेमंत फोबिया' से पीड़ित हैं।"

— झारखंड मुक्ति मोर्चा

निष्कर्ष: चुनावों के नजदीक आते ही झारखंड का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। जहाँ BJP गठबंधन के भीतर दरार दिखाने की कोशिश में जुटी है, वहीं JMM और कांग्रेस एकजुट होकर पलटवार कर रहे हैं। अब जनता की अदालत ही तय करेगी कि इस सियासी दांव-पेच में बाजी किसके हाथ लगती है।

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