नई दिल्ली
लद्दाख की संवैधानिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की मांगों को लेकर पिछले 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाए जाने के बाद देश में एक नया राजनीतिक बवंडर खड़ा हो गया है। पुलिस ने न सिर्फ वांगचुक को मौके से हटाया, बल्कि जंतर-मंतर पर डटे अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हटाना शुरू कर दिया है। इस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शनकारी जमकर नारेबाजी कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दलों ने एकजुट होकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
विपक्ष का तीखा वार: 'यह सत्ता का अहंकार और तानाशाही है'
इस प्रशासनिक कार्रवाई के तुरंत बाद तमाम विपक्षी नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए अपना कड़ा आक्रोश दर्ज कराया और इसे लोकतंत्र पर बड़ा हमला करार दिया:
संजय सिंह (AAP): आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “यह कैसी गुंडागर्दी चल रही है? मोदी जी, ये सत्ता का अहंकार लंबे समय तक नहीं चलता। सोनम वांगचुक की मांगें सुनने के बजाय उन्हें जबरन उठाकर हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया। जिस युवा पर आप लठ्ठ चला रहे हैं, वही आपका तख़्त उखाड़ेगा।”
डिंपल यादव (SP): समाजवादी पार्टी की सांसद ने इसे तानाशाही बताते हुए कहा, “सोनम वांगचुक को ज़बरदस्ती हटाना सिर्फ़ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान पर हमला है। बीजेपी सरकार अब शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन भी बर्दाश्त नहीं कर सकती। जब शांतिपूर्ण आवाज़ों को दबाया जाता है, तो देश की आत्मा घायल होती है।”
सागरिका घोष (TMC): तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “यह किस तरह की चौंकाने वाली और ज़बरदस्ती वाली सरकारी हिंसा है? नैतिक रूप से दिवालिया मोदी सरकार सिर्फ़ डंडे का इस्तेमाल करना जानती है। यह बिल्कुल मंजूर नहीं है।”
आदित्य ठाकरे (शिवसेना UBT): उन्होंने इस कदम को शर्मनाक बताते हुए कहा, “दुनिया देख रही है कि भारत में लोकतंत्र को किस तरह बेशर्मी से तोड़ा जा रहा है। अब तो शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन भी बर्दाश्त नहीं किए जाते।”
जंतर-मंतर छावनी में तब्दील, रास्ते बंद
इस कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर जंतर-मंतर जाने वाले सभी रास्तों को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया है। पूरे इलाके में सुरक्षा बल तैनात हैं और लाउडस्पीकर के जरिए प्रदर्शनकारियों से जगह खाली करने की अपील की जा रही है।
दिल्ली पुलिस का पक्ष: सेहत और कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
विपक्ष के भारी हंगामे और आरोपों के बीच नई दिल्ली के डीसीपी (DCP) ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक बयान जारी कर पुलिस की कार्रवाई को जायज ठहराया है।
"माननीय हाई कोर्ट के आदेश और मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार, सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें जरूरी मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। पुलिस ने बहुत संयम बरता और यह काम पूरी तरह सुरक्षित तरीके से किया गया। हम जंतर-मंतर पर मौजूद बाकी प्रदर्शनकारियों से भी अपील करते हैं कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जल्द से जल्द शांतिपूर्ण तरीके से जगह खाली कर दें।" - डीसीपी, नई दिल्ली पुलिस
फिलहाल, अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की सेहत पर डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए है, लेकिन इस घटना ने दिल्ली से लेकर लद्दाख तक के सियासी पारे को अत्यधिक बढ़ा दिया है।