पर्यावरण भी संवरेगा, जेब भी भरेगी: हरियाणा की ‘वन मित्र योजना’ हुई बेहद आसान, सालाना कमाएं ₹1.70 लाख तक

जटिल शर्तों से मिली मुक्ति, अब छोटे पौधे लगाने और निजी जमीन पर भी पौधारोपण की छूट; मोबाइल ऐप भी हुआ सरल।

18 Jul 2026  |  934

पर्यावरण भी संवरेगा, जेब भी भरेगी: हरियाणा की ‘वन मित्र योजना’ हुई बेहद आसान, सालाना कमाएं ₹1.70 लाख तक

 

चंडीगढ़/ब्यूरो

हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी 'वन मित्र योजना' अब प्रदेश के नागरिकों के लिए पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आजीविका का एक बड़ा जरिया बनने जा रही है। पर्यावरण सुधार और हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना को सरकार ने अब और अधिक व्यावहारिक तथा सुगम बना दिया है। पहले लागू कुछ जटिल शर्तों को हटाकर नियमों में ढील दी गई है, ताकि आम लोग आसानी से इस मुहिम का हिस्सा बनकर सालाना 1.70 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी कर सकें।

इस योजना के तहत एक वन मित्र एक वर्ष में अधिकतम 1,000 पौधे लगाकर शानदार मानदेय प्राप्त कर सकता है। अकेले जिले में अब तक 1,327 वन मित्र पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें से फिलहाल 24 वन मित्र धरातल पर पूरी तरह सक्रिय हैं। पिछले दो वर्षों में इन वन मित्रों ने जिले में 2 लाख 34 हजार 660 पौधे रोपे हैं, जिसके बदले सरकार द्वारा अब तक 7 लाख 48 हजार रुपये की मानदेय राशि जारी की जा चुकी है।

हाल ही में, जिला वन अधिकारी (DFO) राजेश लीलड़ ने सक्रिय वन मित्रों के साथ एक विशेष बैठक कर उन्हें नियमों में हुए इन सकारात्मक बदलावों की विस्तृत जानकारी दी।

 नियमों में बड़े बदलाव: शर्तें और मोबाइल ऐप हुए बेहद आसान

वन मित्र योजना को करीब दो साल पहले शुरू किया गया था, लेकिन अब इसे नई रफ्तार देने के लिए नियमों को बेहद लचीला बनाया गया है:

पौधों के आकार और दूरी में छूट: पहले योजना के तहत केवल बड़े पौधे लगाने की ही अनिवार्य शर्त थी, लेकिन अब वन मित्र छोटे पौधे भी लगा सकेंगे। इसके साथ ही पौधों के बीच की दूरी की शर्त को भी घटा दिया गया है।

सरल हुआ मोबाइल ऐप: वन विभाग ने 'वन मित्र मोबाइल ऐप' के इंटरफेस को अपडेट कर काफी सरल बना दिया है। अब वन मित्रों के लिए पौधों की जियो-टैगिंग (Geo-tagging) करना और अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट अपलोड करना बेहद आसान हो गया है।

इस तरह मिलेगी मानदेय राशि (प्रति पौधा):

गड्ढा खोदने पर: ₹20

पौधा लगाने पर: ₹30

देखभाल और जीवित रखने पर: पहले साल ₹10 प्रति महीना (प्रति पौधा)।

नोट: वन मित्र को इन पौधों की चार साल तक देखभाल करनी होगी, जिसके लिए आगामी वर्षों में भी निर्धारित मानदेय मिलता रहेगा।

 अब सरकारी ही नहीं, निजी जमीन पर भी लगा सकेंगे पौधे

योजना का दायरा बढ़ाते हुए सरकार ने जमीन संबंधी नियमों को भी उदार बना दिया है। अब वन मित्र सरकारी और पंचायती खाली भूमि के अलावा किसी भी किसान की निजी जमीन पर भी पौधारोपण कर सकते हैं। इसके लिए बस एक ही मुख्य शर्त है—संबंधित किसान (भूस्वामी) से एक लिखित सहमति पत्र लेना होगा, जिसमें स्पष्ट हो कि उन्हें वन मित्र द्वारा पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने पर कोई आपत्ति नहीं है।

 योग्यता और पंजीकरण की प्रक्रिया

यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो निम्नलिखित पात्रता का होना जरूरी है:

मूल निवासी: आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए।

पारिवारिक आय: परिवार की सालाना आय 1.80 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।

आयु सीमा: आवेदक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

कैसे करें आवेदन: इच्छुक नागरिक वन विभाग के आधिकारिक 'वन मित्र पोर्टल' पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं।

अधिकारी की बात

"वन मित्रों को पंजीकरण की नई तकनीकी बारीकियों, आसान ऐप के इस्तेमाल और सही तरीके से पौधारोपण करने की ट्रेनिंग दी गई है। मेरा पंजीकृत युवाओं से आग्रह है कि वे इस योजना का पूरा लाभ उठाएं। जो लोग पंजीकरण कराने के बाद किन्हीं कारणों से शांत बैठ गए थे, वे दोबारा से फील्ड में एक्टिव होकर काम शुरू करें।"

— राजेश लीलड़, जिला वन अधिकारी (DFO)

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