वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में तनाव अपने सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। जॉर्डन में एक सैन्य बेस पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सीधी जंग छिड़ गई है। अमेरिका द्वारा सैनिकों की मौत की आधिकारिक घोषणा करने से कुछ मिनट पहले ही, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वॉशिंगटन ने इस्लामिक रिपब्लिक पर हमले जारी रखे, तो उसे 'कभी न भूलने वाले सबक' सिखाए जाएंगे।
खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर वाले 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MOU) को 'पूरी तरह बेकार' करार दिया है। इस बीच, अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने के लिए अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के ठिकानों पर भीषण हवाई हमले शुरू कर दिए हैं।
होर्मुज स्ट्रेट और कुवैत में भारी तबाही
अमेरिकी हमलों का मुख्य उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट (जलडमरू मध्य) से तेल टैंकरों की आवाजाही को रोकने की ईरान की क्षमता को नष्ट करना है। युद्ध से पहले दुनिया की 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी मार्ग से होती थी।
ईरान में हमला: ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट के पास सिरिक (साउथ होर्मोजगन प्रांत) में तड़के 1:30 बजे अमेरिकी बमबारी हुई।
कुवैत में हाहाकार: ईरान के जवाबी हमलों में सबसे ज्यादा नुकसान कुवैत को हुआ है। यहाँ एक प्रमुख तेल सुविधा केंद्र और पानी को मीठा बनाने वाले 'वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट' को निशाना बनाया गया। हमले के बाद प्लांट में भीषण आग लग गई, जिससे देश की कई बिजली उत्पादन इकाइयाँ ठप हो गई हैं। बता दें कि कुवैत अपने पीने के पानी का 90% हिस्सा इसी तकनीक से हासिल करता है।
क्षेत्रवार संघर्ष की स्थिति: सायरन और एयर डिफेंस से गूंजा आसमान
| क्षेत्र/देश | वर्तमान स्थिति और प्रभाव |
|---|---|
| इराक (इरबिल) | कुर्द असंतुष्टों के बेस पर ड्रोन हमला, 8 घायल। इराक ने इरबिल के ऊपर कई हमलावर ड्रोनों को मार गिराया। |
| जॉर्डन | जॉर्डन की एयर डिफेंस प्रणालियों ने अपनी सीमा में आती कई ईरानी मिसाइलों को हवा में ही ध्वस्त किया। |
| खाड़ी देश (गल्फ) | बहरीन और सऊदी अरब में संभावित हवाई हमलों के डर से दिनभर और सुबह कई बार हवाई रक्षा सायरन बजे। |
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के सेक्रेटरी जनरल, जासेम मोहम्मद अल-बुदैवी ने ईरान पर नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए इसे 'युद्ध अपराध' करार दिया है।
खामेनेई का संदेश: "अमेरिका 'ग्रेट शैतान', चुकानी होगी भारी कीमत"
ईरानी राष्ट्र के नाम जारी एक कड़े संदेश में सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को 'ग्रेट शैतान' (महा-शैतान) कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि वॉशिंगटन की बेईमानी, अतार्किकता और अविश्वसनीयता एक बार फिर दुनिया के सामने आ गई है।
एक्सिस ऑफ़ रेसिस्टेंस अलर्ट: खामेनेई ने कहा, "अगर अमेरिकी दुश्मन टकराव को बढ़ाता है, तो उसे और भी भारी अपमान का सामना करना पड़ेगा। ईरान की जनता और हमारा 'प्रतिरोध मोर्चा' (Resistence Front) उसे ऐसा सबक देने के लिए तैयार हैं जो वो कभी नहीं भूलेगा।" उन्होंने देश के दक्षिणी इलाके के नागरिकों और इस्लामी लड़ाकों की बहादुरी की जमकर तारीफ की।
टूट गया शांति का आखिरी धागा
यह नया संकट पिछले महीने हुए उस अंतरिम समझौते (MoU) के विफल होने के बाद आया है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में दुश्मनी को स्थायी रूप से खत्म करना था। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने साफ कर दिया है कि अमेरिका द्वारा प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन के बाद अब ईरान भी इस समझौते को लागू नहीं कर रहा है।
इस भीषण टकराव और अनिश्चितता को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए 'ग्लोबल ट्रैवल अलर्ट' जारी कर दिया है। युद्ध के लंबा खिंचने के आसार से वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के चरमराने का खतरा पैदा हो गया है।