वॉशिंगटन/तेहरान,
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) इस वक्त एक भीषण और विनाशकारी महायुद्ध के मुहाने पर आकर खड़ा हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले महीने हुआ अंतरिम समझौता पूरी तरह से टूट चुका है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच सीधी सैन्य जंग शुरू हो गई है। वैश्विक व्यापार के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह से ठप हो गई है।
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आज तड़के आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान को निशाना बनाते हुए हवाई हमलों का एक नया और बेहद आक्रामक दौर शुरू किया है। ईरान पर अमेरिकी वायुसेना की यह लगातार नौवीं रात की बमबारी है।
बुनियादी ढांचे पर प्रहार, 17 अमेरिकी सैनिकों की मौत
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की उस सैन्य क्षमता को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करना है, जिसका इस्तेमाल वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और निर्दोष नाविकों पर हमले के लिए करता रहा है।
इस गोलाबारी में अमेरिका ने ईरान के पुलों, बिजली ग्रिडों और पानी को खारापन-मुक्त करने वाले (Desalination) मुख्य संयंत्रों जैसे महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया है, जिससे लाखों लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है। जवाब में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को अपने एक और सैनिक की मौत की पुष्टि की है, जिसके बाद इस युद्ध में अब तक मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या 17 पहुंच गई है।
जॉर्डन में हुई हत्याओं का बदला ले रहा अमेरिका
अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि यह आक्रामक कार्रवाई जॉर्डन में शुक्रवार को ईरानी समर्थित हमलों में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की हत्या का सीधा बदला है। शनिवार को इराक में एक ईरानी ड्रोन को गिराने के बाद उसे नष्ट करने की प्रक्रिया के दौरान एक अमेरिकी सैनिक की जान चली गई थी, जबकि एक अन्य लापता सैनिक के अवशेष रविवार को बरामद हुए हैं। पेंटागन का कहना है कि उनके हमलों का मुख्य निशाना ईरान की अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के ठिकाने हैं।
इजरायल और पड़ोसी देशों तक फैली जंग की आग
अमेरिका के इन विनाशकारी हमलों के जवाब में तेहरान ने पूरे मिडिल ईस्ट में फैले अमेरिकी सहयोगी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कुवैत, जॉर्डन और बहरीन ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को फिर से हाई अलर्ट पर एक्टिवेट कर दिया है।
इजरायल की चेतावनी: इस संघर्ष में सबसे खतरनाक मोड़ तब आया जब ईरान ने जॉर्डन की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस कदम के बाद इजरायल ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जॉर्डन की तरफ आई मिसाइलों के कारण हफ्तों बाद एक बार फिर जंग की आग इजरायली सरजमीं तक फैल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह टकराव एक ऐसे क्षेत्रीय महायुद्ध में बदल सकता है, जिसके वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर बेहद विनाशकारी परिणाम होंगे।