वॉशिंगटन / तेहरान:
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) पर सैन्य टकराव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार 10वीं रात बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए होर्मुज से गुजर रहे एक व्यावसायिक तेल टैंकर को निशाना बनाया, जिसके बाद जहाज पर मौजूद क्रू मेंबर्स को अपनी जान बचाने के लिए पोत छोड़ना पड़ा।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कड़ा रुख
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि 20 जुलाई की रात (अमेरिकी समयानुसार रात 9 बजे) चलाए गए हवाई अभियानों का मुख्य उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हमले करने की ईरान की क्षमता को ध्वस्त करना था।
इन प्रमुख ठिकानों को बनाया गया निशाना:
नौसैनिक अड्डे और तटीय सैन्य कमांड सेंटर
मिसाइल व ड्रोन लॉन्चिंग साइट्स
एयर डिफेंस सिस्टम
CENTCOM के अनुसार, मई की शुरुआत से अब तक अमेरिकी नौसेना ने लगभग 900 व्यापारिक जहाजों और 45 करोड़ बैरल कच्चे तेल की सुरक्षित आवाजाही में सहायता की है। अमेरिकी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि नागरिक जहाजों पर हमले जारी रहे तो ईरान को इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
अंतरिम समझौता ध्वस्त, पाकिस्तान में मध्यस्थता की कोशिश
हवाई हमलों के बावजूद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी आक्रामक रणनीति कम नहीं की है। दोनों देशों के बीच पिछले महीने हुआ अंतरिम समझौता अब लगभग खत्म हो चुका है, जिसके कारण तनाव फिर से बड़े युद्ध का रूप लेता दिख रहा है।
इस बीच, कूटनीतिक समाधान की तलाश में ईरान के गृह मंत्री पाकिस्तान पहुंचे हैं, जो इस विवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालांकि, दोनों देशों के कड़े रुख को देखते हुए किसी नए समझौते पर सहमति बनने की संभावना फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, वैश्विक चिंता बढ़ी
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर देखने को मिल रहा है:
क्रूड ऑयल में तेजी: ब्रेंट क्रूड का भाव उछलकर $88 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
महंगाई का खतरा: अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत $4 प्रति गैलन हो गई है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
होर्मुज से आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है, जिससे अमेरिका में आगामी मध्यावधि (Midterm) चुनावों से पहले ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव गहराता जा रहा है।