भारत एमटीसीआर में शामिल, चीन -पाक को मिला जवाब
NSG में चीन के विरोध का करारा जवाब दिया मित्र राष्ट्रों ने
27 Jun 2016
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भारत सोमवार को मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (एमटीसीआर) में औपचारिक तौर पर शामिल हो गया है. दुनिया के चार महत्वपूर्ण परमाणु टेक्नोलॉजी निर्यात करने वाले खास देशों के समूह में एमटीसीआर अहम है. परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों के समूह (एनएसजी) में शामिल होने की हालिया कोशिश की नाकामी बाद इसे बेहतर माना जा रहा है. बीते साल ही भारत ने एमटीसीआर की सदस्यता के लिए आवेदन किया था.
फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया था. इसके बाद नई दिल्ली में फ्रांस, नीदरलैंड और लक्जेमबर्ग के राजदूतों के साथ इस फैसले को अमली दजामा पहना दिया गया. इस मौके पर भारत ने सबकी सहमति से एमटीसीआर का सदस्य बनाए जाने के लिए सभी सदस्य देशों का आभार जताया.
एमटीसीआर में कुल 34 प्रमुख मिसाइल निर्माता देश शामिल हैं. इसकी स्थापना 1987 में की गई थी. फ्रांस, जर्मनी, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका , इटली और कनाडा इसके संस्थापक सदस्य रहे हैं. बुल्गारिया साल 2004 में इस समूह का सदस्य बना था. इसके बाद किसी नए देश को इसका मौका नहीं मिला. अभी तक चीन और पाकिस्तान इस विशेष समूह के सदस्य नहीं हैं.
फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया था. इसके बाद नई दिल्ली में फ्रांस, नीदरलैंड और लक्जेमबर्ग के राजदूतों के साथ इस फैसले को अमली दजामा पहना दिया गया. इस मौके पर भारत ने सबकी सहमति से एमटीसीआर का सदस्य बनाए जाने के लिए सभी सदस्य देशों का आभार जताया.
एमटीसीआर में कुल 34 प्रमुख मिसाइल निर्माता देश शामिल हैं. इसकी स्थापना 1987 में की गई थी. फ्रांस, जर्मनी, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका , इटली और कनाडा इसके संस्थापक सदस्य रहे हैं. बुल्गारिया साल 2004 में इस समूह का सदस्य बना था. इसके बाद किसी नए देश को इसका मौका नहीं मिला. अभी तक चीन और पाकिस्तान इस विशेष समूह के सदस्य नहीं हैं.