प्रतिनिधि,इटखोरी। इटखोरी(चतरा) प्रखंड अवस्थित ख्याति प्राप्त भद्रकाली महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एक एवं इकाई दो के तत्वाधान में भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का आरंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर दुलार ठाकुर की अध्यक्षता में दीप प्रज्वलन के साथ लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया।इस अवसर पर वक्ताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल को कुशल एवं दूरदर्शी राजनीतिज्ञ बताते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर दुलार ठाकुर ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के व्यक्तित्व को भारतीय एकता का स्तंभ बताया और वर्तमान भारत के निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान की चर्चा की।
इस अवसर पर प्रोफेसर श्यामसुंदर प्रसाद ने अपने विचारों को व्यक्त करते हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल को भारत जैसे राष्ट्र के निर्माता के रूप में उनके अहम योगदान पर विस्तृत रूप से चर्चा की। हिंदी के प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय सरदार पटेल को सशक्त राष्ट्र निर्माण का पुरोधा बताया। इन्होंने बताया कि किस प्रकार से देसी राज्य राजवाड़े का विलय उन्होंने एक सफल राष्ट्र के रूप में किया।पांडेय ने देश के एकता और अखंडता के प्रति लौह पुरुष के किए गए उल्लेखनीय कार्यों पर विशेष रूप से चर्चा की।
इस कार्यक्रम में प्रोफेसर ललित मोहन चौधरी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए कहा कि देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य तदयुगीन परिस्थितियों के बीच अपनी कार्य कुशलता का परिचय देते हुए एक सशक्त एवं कुशल राजनीतिक होने का परिचय दिया। आज के भारत की आधारशिला सरदार वल्लभ भाई पटेल के द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्य का ही परिणाम है।
इस अवसर पर प्रोफेसर सकेंद्र मिस्त्री, प्रोफेसर जानकी प्रसाद दांगी, प्रोफेसर धीरेंद्र यादव, प्रोफेसर इभा सिन्हा, प्रोफेसर मधुबाला, प्रोफेसर लीलू रानी, समेत महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा उपस्थित थे। कार्यक्रम का मंच संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई दो के अधिकारी प्रोफेसर बालेश्वर पासवान के द्वारा किया गया एवं धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय सेवा योजना एक के अधिकारी प्रोफेसर संदीप कुमार के द्वारा किया गया।