नई दिल्ली
चुनाव आयोग (ECI) और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आक्रामक रुख अपना लिया है। कांग्रेस के आरोपों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भाजपा ने अपने चार प्रमुख मुख्यमंत्रियों की 'फौज' मैदान में उतार दी है। उत्तर प्रदेश, असम, महाराष्ट्र और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस व बयानों के जरिए राहुल गांधी की राजनीति पर तीखे प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस अपनी लगातार हार से बौखलाकर देश की संवैधानिक संस्थाओं की साख को बट्टा लगाने का प्रयास कर रही है।
सीएम योगी आदित्यनाथ: "कोर्ट, CAG, EVM पर सवाल खड़े करना कैसी देशभक्ति?"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईआर (SIR) मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि विपक्ष लगातार देश में भ्रम फैलाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रच रहा है।
- संवैधानिक संस्थाओं पर हमला: सीएम योगी ने कहा, "कांग्रेस, सपा और आरजेडी जैसी पार्टियां केवल हायतौबा मचा रही हैं। कांग्रेस जिस EVM के दम पर कई राज्यों और केंद्र में सत्ता में रही, आज उसी को 'ब्लैक बॉक्स' कह रही है। जब ये जीतते हैं तो खामोश रहते हैं और हारते ही चुनाव आयोग पर ठीकरा फोड़ देते हैं।"
- राष्ट्रीय सुरक्षा और न्यायपालिका पर सवाल: उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल कैम्ब्रिज जाकर भारत के न्यायालय पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने CAG, EVM, राफेल डील, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर पर भी सवाल खड़े किए। संस्थाओं पर बार-बार सवाल उठाना कहां की देशभक्ति है?
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सीएम हिमंत बिस्वा सरमा: "राहुल गांधी देश की जनता से माफी मांगें"
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सीधे तौर पर राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की।
- भ्रामक बयानों पर घेरा: सरमा ने कहा कि राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले फैसले ले रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी किस आधार पर लोगों के दिमाग में गलत बातें भर रहे थे?
- 90 चुनाव हारने का रिकॉर्ड: असम सीएम ने तंज कसते हुए कहा, "ज्ञानेश कुमार के पद संभालने से पहले भी राहुल गांधी 90 चुनाव हार चुके हैं। जब भी वे बंगाल, असम या कहीं और चुनाव हारते हैं, तो यही नाटक शुरू कर देते हैं। उनका एकमात्र मकसद भारत के लोकतंत्र को कमजोर करना है।"
सीएम देवेंद्र फडणवीस: "प्रधानमंत्री जी से विनती है, राहुल जी का दिमाग ढूंढने के लिए कमेटी बनाएं"
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला।
- 'दिमाग चोरी' का तंज: फडणवीस ने कहा, "राहुल गांधी लगातार झूठ बोल रहे हैं। देश में कोई वोट चोरी नहीं हुई है, बल्कि राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो गया है। मैं तो प्रधानमंत्री जी से विनती करूंगा कि वे एक विशेष कमेटी बनाएं जो राहुल गांधी का दिमाग ढूंढ कर लाए।"
- आयोग की जवाबदेही जनता से: उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन की जवाबदेही देश की जनता के प्रति है, किसी राजनीतिक दल के दैनिक आरोपों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए आयोग बाध्य नहीं है।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी: "कॉमेडियन की तरह व्यवहार कर रहे हैं कांग्रेस नेता"
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चुनाव आयोग में अंदरूनी नोट को लेकर खड़े किए जा रहे विवाद पर विस्तृत पक्ष रखा।
- अंतिम फैसले को देखें: धामी ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अंदरूनी विचार-विमर्श और नोटिंग एक सामान्य प्रक्रिया है। किसी अंदरूनी नोट या आपत्ति को संस्थागत विफलता नहीं कहा जा सकता। देखना यह चाहिए कि आयोग का अंतिम फैसला क्या था और क्या वह कानूनी कसौटी पर सही है।
- संगठन का बिखराव: उन्होंने आगे कहा, "सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसका मकसद संस्थाओं को बदनाम करना या एजेंडा चलाना नहीं होना चाहिए। कांग्रेस का संगठन पूरी तरह बिखर चुका है और उसके शीर्ष नेता आजकल राजनीतिज्ञों के बजाय कॉमेडियन की तरह व्यवहार कर रहे हैं।"
राजनीतिक निष्कर्ष
भाजपा के चारों मुख्यमंत्रियों के इस आक्रामक रुख से साफ है कि सत्ता पक्ष विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रियाओं पर उठाए जा रहे सवालों को हलके में लेने के मूड में नहीं है। भाजपा इसे देश की संवैधानिक गरिमा से जोड़कर सीधे राहुल गांधी की विश्वसनीयता को कटघरे में खड़ा करने की रणनीति पर काम कर रही है।





