नई दिल्ली:

स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की प्रक्रिया के बाद उत्पन्न विवादों के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक अहम और बड़ा निर्णय लिया है। आयोग ने 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छूटे हुए, पहली बार मतदान करने वाले और युवा मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए एक विशेष राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस बाबत सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

कैसे काम करेगी नई व्यवस्था? (बिंदुवार प्रमुख बातें):

  1. SIR पूर्व की लिस्ट से तुलना: बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मौजूदा वोटर लिस्ट का मिलान SIR लागू होने से पहले वाली मतदाता सूची से करेंगे। वे उन योग्य नागरिकों की अलग सूची बनाएंगे जिनके नाम पहले थे, लेकिन वर्तमान सूची से हट गए हैं।
  2. घर-घर जाकर सत्यापन (Door-to-Door Verification): BLO चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी स्थिति का सत्यापन करेंगे। यदि वे योग्य पाए जाते हैं, तो उनसे तुरंत फॉर्म-6 भरवाया जाएगा।
  3. साप्ताहिक लक्ष्य और समय-सीमा: प्रत्येक BLO को हर सप्ताह कम से कम 20 से 25 मतदाताओं को कवर करने का निर्देश दिया गया है। यह पूरा विशेष अभियान लगभग एक महीने के भीतर संपन्न किया जाएगा।
  4. राजनीतिक दलों को मिलेगी सूची: BLO द्वारा तैयार की गई सत्यापन सूची और फॉर्म-6 की जानकारी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ भी साझा की जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
  5. ERO स्तर पर फैसला: भरे हुए फॉर्म-6 और फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट को निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) को सौंपा जाएगा। 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' और 'मतदाता पंजीकरण नियम, 1960' के तहत ERO ही इन आवेदनों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए सक्षम प्राधिकारी होंगे।
  6. हाशिए पर मौजूद लोगों के लिए विशेष कैंप: केवल सामान्य नागरिक ही नहीं, बल्कि नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी और बेघर या हाशिए पर जीवन-यापन करने वाले पात्र लोगों को जोड़ने के लिए विशेष बूथ-स्तरीय कैंप लगाए जाएंगे।
  7. जागरूकता और निगरानी: शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय संपर्क कार्यक्रमों, SVEEP गतिविधियों और प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से युवाओं को जागरूक किया जाएगा। अभियान की प्रगति का नियमित रिव्यू CEO, DEO और ERO स्तर पर किया जाएगा।
निरंतर चलने वाली प्रक्रिया: चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता पंजीकरण एक सतत प्रक्रिया है। यदि किसी योग्य नागरिक का नाम अंतिम वोटर लिस्ट में छूट गया है या कट गया है, तो वह किसी भी समय पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हर पात्र नागरिक को उसका लोकतांत्रिक अधिकार दिलाना है।

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