दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और सरकार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच इंडी गठबंधन (INDI Alliance) की रणनीति में एक नया मोड़ आया है। राहुल गांधी के आवास पर हुई हाई-प्रोफाइल 'हाई-टी' मीटिंग और उसके बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि लोकतंत्र की बहाली की यह लड़ाई अभी थमी नहीं है, बल्कि इसे और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।
त्योहारी सीजन के चलते दिल्ली में बड़े प्रदर्शनों पर फिलहाल विराम
सूत्रों के अनुसार, आगामी त्योहारों के सीजन और सड़कों पर संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए, इंडी गठबंधन ने आने वाले कुछ दिनों के लिए दिल्ली में किसी भी बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन न करने का फैसला किया है।
- सांसदों को निर्देश: दिल्ली में जुटे सभी सांसदों और नेताओं को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों (Constituencies) में वापस लौटने के निर्देश दिए गए हैं।
- छोटे स्तर पर जारी रहेगा विरोध: हालांकि, बड़े आयोजनों पर भले ही कुछ दिनों के लिए विराम लगा हो, लेकिन स्थानीय स्तर पर छोटे विरोध-प्रदर्शन जारी रहेंगे।
राहुल गांधी का तीखा हमला: "प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार हैं इसके मुख्य आर्किटेक"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार और चुनाव आयोग पर बेहद आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में बंद किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया और कहा:
"सरकार ने कह दिया है कि जंतर-मंतर अब लोकतांत्रिक आवाज उठाने के लिए प्रोटेस्ट साइट नहीं है। हम इस फैसले को खुली चुनौती देंगे। सरकार यह तय नहीं कर सकती कि हमें कहां बोलना है।"
उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि इस पूरी व्यवस्था को ध्वस्त करने के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य आर्किटेक हैं, गृह मंत्री अमित शाह इसे लागू करने वाले हैं, और इसमें ज्ञानेश कुमार जैसे लोग शामिल हैं। राहुल गांधी ने कड़े शब्दों में वादा करते हुए कहा, "यह आसान नहीं होने वाला कि आप भारत के लोकतंत्र को खत्म करके बच निकलें। मिस्टर मोदी, मिस्टर शाह, ज्ञानेश कुमार और अन्य लोगों को इसकी सजा मिलकर रहेगी।"
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बड़े प्रदर्शनों की नई रणनीति और एजेंडा
कांग्रेस और इंडी गठबंधन के घटक दलों—जैसे लेफ्ट, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस (TMC)—ने जंतर-मंतर को दोबारा वैध प्रदर्शन स्थल बनाने के लिए बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है।
- सोनिया गांधी की सहमति: इस पूरे मुद्दे पर सोनिया गांधी ने भी अपनी सहमति जताई है।
- प्रमुख मांगें: आगामी चार दिनों के भीतर वोट चोरी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतपत्र (बैलेट पेपर) पर वापस लौटने और SIR प्रक्रिया के विरोध में पूरे देश में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई जा रही है।
प्रियंका गांधी ने निभाई होस्ट की भूमिका
राहुल गांधी के आवास पर आयोजित इस 'चाय पर चर्चा' में मेहमानों की खातिरदारी के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। बैठक में कुल 10 टेबल लगाए गए थे, जहां प्रियंका गांधी ने बतौर होस्ट पूरी मेहमानवाजी की कमान संभाली। बैठक के अंत में राहुल गांधी ने सभी गठबंधन साथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इसी तरह की एकजुटता उन्हें भविष्य में भी बनाए रखनी होगी।
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