प्रतिनिधि,चाईबासा। झारखंड के बजट सत्र में मझगांव विधानसभा के विधायक माननीय निरल पूर्ति ने शून्य काल प्रश्न के दौरान अनुसूचित जनजाति हो समाज एवं संस्कृति से संबंधित संग्रहालय की स्थापना करने की मांग किया है।





इस संबंध में जानकारी देते हुए विधायक निरल पूर्ति ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में अनुसूचित जनजाति हो का मूलतः निवास की अधिकता है तथा इस क्षेत्र के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, जैविक, भाषिक जैसे- अतीत की वस्तु जीवन की झलकियां परिधान, पुराने औजार, कृषि एवं शिकार के औजार इत्यादि की संरक्षण और प्रदर्शित करने हेतु जिले में कोई भी संग्रहालय नही है।अनुसूचित जनजाति हो के जीवन से जुड़े विविध प्रसंग, उपकरणों, अनुकृतियां एवं संस्कृति के जीवंत प्रदर्शन को प्रदर्शित करने का संग्रहालय उचित माध्यम है। अतः सदन के माध्यम से सरकार से मांग करता हूं कि पश्चिम सिंहभूम जिले में अनुसूचित जनजाति हो समाज एवं संस्कृति से संबंधित संग्रहालय की स्थापना की जाय।





उन्होंने कहा कि हो जनजाति बहुल क्षेत्र में एक संग्रहालय की स्थापना करना बहुत जरूरी है, क्योंकि दूरदराज से आने वाले लोग लोगों को आदिवासी संस्कृति, परंपरा, परिधान की जानकारी स्पष्ट मिल सके। इससे हमारे आने वाले पीढ़ी को भी फायदा मिलेगा। विश्व की सबसे प्राचीन माने जाने वाले आदिवासी संस्कृति की पहचान बनाए रखना बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार एक विशाल संग्रहालय पश्चिम सिंहभूम जिला में बनाएं, जिससे दूसरे लोग आदिवासी संस्कृति को करीब से जान सके। संग्रहालय के निर्माण होने से देश-विदेश के पर्यटक भी पश्चिम सिंहभूम पहुंचकर आदिवासी संस्कृति, सभ्यता के बारे अधिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।