तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस द्वारा 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ की गई लगातार कार्रवाई और हिरासत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अन्नामलाई के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।
कानून के शासन पर चिंता और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
पत्रकारों से बातचीत करते हुए के. अन्नामलाई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि CJP नेताओं की लगातार हो रही न्यायिक हिरासत देश में कानून के शासन को लेकर गहरी चिंता पैदा करती है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि दिल्ली पुलिस ने कानून को अपने हाथ में ले लिया है। भले ही CJP के विरोध प्रदर्शन के तरीकों या उनकी हरकतों से मेरा मतभेद हो सकता है, लेकिन वे जो गंभीर सवाल उठा रहे हैं, उस मामले में मैं पूरी तरह से उनका समर्थन करता हूं।”
'गिरफ्तारी से नेता और मजबूत होंगे, सरकार को देना चाहिए जवाब'
अन्नामलाई ने सरकार की जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि सरकार को जनता के और इन नेताओं द्वारा उठाए जा रहे सवालों का सामना करना चाहिए और उनका जवाब देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि किसी उल्लंघन के नाम पर नेताओं को गिरफ्तार करना और जेल में उन्हें परेशान करना इस समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि इससे CJP के नेता और अधिक मजबूत होकर उभरेंगे। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले में दिल्ली पुलिस का रवैया बेहद गलत है।
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राहुल गांधी के अधिकारों पर भी रखी बेबाक राय
इस दौरान अन्नामलाई ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें 'SIR प्रक्रिया' पर सवाल उठाने का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है, बशर्ते ऐसा करते वक्त देश की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान न पहुंचे।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को CJP नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी थी। इन नेताओं पर जंतर-मंतर में प्रवेश करने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के आधिकारिक कार्यों में बाधा डालने का आरोप है। मामले की अगली सुनवाई और पेशी बुधवार को अदालत में होनी है।
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