प्रतिनिधि,डुमरी। श्री श्री राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी में सोमवार को अयोध्या से आये पूजित अक्षत कलश,चित्र और पत्रक के वितरण कार्य का शुभारम्भ विहिप के धर्माचार्य प्रमुख श्रीकांत पांडेय के द्वारा मन्त्रोंच्चारण कर किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सीबीआई जज, रांची के शिवपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में और कारसेवक कैलाश पंडित भी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि को गायत्री परिवार के काशी बरनवाल के द्वारा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।उनकी धर्मपत्नी नूतन तिवारी को गायत्री परिवार के मीरा बरनवाल के द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।कारसेवक कैलाश पंडित को अरुण जायसवाल के द्वारा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि ने हिन्दू समाज को छुआछुत,ऊंच नीच का भेद भुलाकर संपूर्ण हिन्दू समाज को संगठित रहने का सन्देश दिया।उन्होंने कहा कि 500 सालों में हमारे पूर्वजो के घोर संघर्ष एवं लाखों बलिदान के बाद आज अयोध्या में श्रीरामलला नवनिर्मित मंदिर में 22 जनवरी को विराजेगे।यह हमारे हिन्दू समाज के लिए गौरव की बात है। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के दिन अपने स्थानीय मंदिर को अयोध्या मानकर 10 बजे सुबह से एक बजे दिन मंदिर में भजन कीर्तन करने,प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का लाइव कार्यक्रम कर महाआरती करें और शाम को अपने घरों,मंदिर को दीपों से सजाकर धूमधाम से दीपावली मनाना है। 22 जनवरी के बाद अयोध्या दर्शन के लिए जाना है।उसी निमित्त 1 से 15 जनवरी तक अक्षत,चित्र,पत्रक पूरे हिन्दू परिवार में निमंत्रण देने के लिए रामभक्त आपके घर तक जायेगे।
विहिप जिला अध्यक्ष रामकिशोर शरण ने कहा कि गिरिडीह जिले के सभी प्रखंड एवं नगर में ढाई लाख हिन्दू परिवार के बीच आज से 15 जनवरी तक राम भक्त पूजित अक्षत लेकर निमंत्रण देने सभी घरों तक जायेगे।पहले दिन इसरी बाजार के स्टेशन रोड में पूजित अक्षत,चित्र,पत्रक हर हिन्दू परिवार मे निमंत्रण स्वरूप दिया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने मे आरएसएस के विभाग कार्यवाह राजेश प्रसाद,विभाग सेवा प्रमुख गौरीशंकर महतो, विहिप प्रखंड अध्यक्ष अजय रजक, मिथलेश प्रसाद,राजेंद्र प्रसाद,ओमप्रकाश प्रसाद सौरभ वर्मा,कर्मचंद महतो,सुनील सेठ,मीरा अंशु,सुनीता देवी, सरिता देवी,अनीता देवी,अनुराधा सिन्हा,सविता देवी, अरुणा देवी,मंजूषा देवी इत्यादि लोगों की सराहनीय भूमिका रही।श्रीकांत पाण्डेय द्वारा मुख्य अतिथि,उनकी धर्म पत्नी को अक्षत चित्र,पत्रक देकर कार्यक्रम का श्री गणेश किया गया।





