तेल अवीव:
इजराइल में चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर चल रही भारी राजनीतिक खींचतान और रस्साकशी के बीच तेल अवीव की सियासत से एक बेहद बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। प्राप्त ताज़ा जानकारी के अनुसार, इजराइल की दो प्रमुख अरब पार्टियों ने पूर्व सेना प्रमुख और प्रमुख राजनीतिक चेहरे गादी आइजनकोट को बाहर से समर्थन (External Support) देने का ऐतिहासिक फैसला किया है।
हालांकि, इस समर्थन के साथ अरब दलों ने एक कड़ी शर्त भी सामने रखी है—इजराइली संसद (नेसेट) के मौजूदा स्पीकर अमीर ओहाना को तुरंत उनके पद से हटाया जाए। यदि गादी आइजनकोट और उनका 'चेंज ब्लॉक' इस शर्त पर सहमत होते हैं, तो देश में एक नई गैर-नेतन्याहू सरकार बनाने की राह साफ हो सकती है।
नेतन्याहू को गद्दी से हटाने की व्यूहरचना
इजराइली समाचार पत्र हारेत्ज (Haaretz) की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अरब राजनीतिक दलों का प्राथमिक उद्देश्य बेंजामिन नेतन्याहू को प्रधानमंत्री पद से बेदखल करना है। इसी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए दोनों अरब पार्टियों के शीर्ष नेताओं ने एक महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक के बाद अरब पार्टी RA’AM के एक वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया:
"हम बाहर से समर्थन देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। नई सरकार के गठन की कवायद तेजी से चल रही है। हमारे पार्टी प्रतिनिधि बहुत जल्द इस प्रस्ताव को लेकर राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मुलाकात करेंगे।"
पहली शर्त: स्पीकर अमीर ओहाना की विदाई
दूसरी ओर, अरब गठबंधन जॉइंट लिस्ट (Joint List) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर रणनीति का खुलासा किया। बयान में कहा गया कि सरकार बनाने की दिशा में पहला और सबसे जरूरी कदम नेसेट के स्पीकर अमीर ओहाना को पदमुक्त करना है।
- अरब पार्टियों का रुख: 'चेंज ब्लॉक' के नेता सबसे पहले स्पीकर को हटाएं ताकि विधायी प्रक्रिया पर नेतन्याहू गुट की पकड़ कमजोर की जा सके।
- आंकड़ों की बाजीगरी: दोनों अरब पार्टियों के पास कुल 19 सदस्य (सांसद) हैं।
- बहुमत का गणित:
- इजराइल की 120 सदस्यीय नेसेट में सरकार बनाने का जादूई आंकड़ा 61 है।
- फिलहाल बेंजामिन नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गठबंधन के पास केवल 53 सांसद हैं।
- यदि आइजनकोट का 'चेंज ब्लॉक' और ये 19 अरब सांसद एक साथ आते हैं, तो यह संख्या 67 तक पहुँच जाएगी, जो स्पष्ट बहुमत से भी 6 अधिक है।
राष्ट्रपति हर्जोग की मध्यस्थता: क्या टलेंगे फिर से चुनाव?
टाइम्स ऑफ इजराइल (The Times of Israel) के अनुसार, इजराइल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग सरकार गठन की औपचारिक कवायद शुरू करने जा रहे हैं। राष्ट्रपति बुधवार से एक-एक कर सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श करेंगे, जिसके बाद वह किसी एक प्रमुख नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे।
राष्ट्रपति हर्जोग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कहा कि देश को एक और नए आम चुनाव के झंझट और आर्थिक बोझ से बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
आगे का संभावित परिदृश्य:
राष्ट्रपति की पहली कोशिश स्पष्ट बहुमत के आधार पर किसी सर्वसम्मत नेता को चुनने की होगी। यदि कोई भी दल या गठबंधन बहुमत का आंकड़ा साबित करने में नाकाम रहता है, तो अंततः सदन को भंग करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में, अगले आम चुनाव आयोजित होने तक बेंजामिन नेतन्याहू कार्यवाहक (Caretaker) प्रधानमंत्री के रूप में पद पर बने रह सकते हैं।
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