प्रतिनिधि,पाकुड़। इन दिनों पाकुड़ सदर प्रखंड के कई क्षेत्रों में अवैध कारोबार का धंधा चरम पर चल रहा है। अवैध कारोबार में बात करते है अवैध ईंट भट्टा निर्माण का। सदर प्रखंड के नरोत्तमपुर, रामचंद्रपूर, जुगीगड़िया, कुमारपुर, तिलभिटा के आसपास, काशीला का कुछ क्षेत्र, झिकरहाटी का आसपास सहित दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों में कुकुरमुत्तों की तरह अवैध ईंट भट्टा का संचालन हो रहा है और इन ईंट भट्टों में नाबालिग बच्चे काम करते नजर आ रहें है।
नाबालिग बच्चों का ईंट भट्टों में काम करना आम बात हो गई है। सवाल है कि इन नाबालिग बच्चों का बचपना, शिक्षा ग्रहण के साथ साथ भविष्य का क्या होगा। क्या ये बच्चे हमारे देश का नही है।अगर हमारे देश का है तो सरकार इन बच्चों पर ध्यान क्यों नहीं दे रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बच्चों को शिक्षित करने के लिए कई योजनाएं चला रही है मगर योजनाएं धरातल पर न उतरकर कागजों पर ही सिमट जाती है। संबंधित विभाग के पदाधिकारी शायद ही इन क्षेत्रों में जातें होंगे।अगर जातें है तो अवैध ईंट भट्टों के संचालक के ऊपर किसी प्रकार का कार्यवाई होती नहीं है आखिर क्यों। इस तरह से राज्य सरकार को राजस्व क्षति पहुंच रही है और भट्टा संचालक मालामाल हो रहें है।
इस संबंध में श्रम अधीक्षक रमेश प्रसाद सिंह ने बताया कि हमने कई स्थानों पर निरीक्षण किया है अगर किसी ईंट भट्टों में बच्चे कार्य करते हुए पाए जाते है तो बच्चों को रेस्क्यू कर जीवन धारा से जोड़ेंगे और इन भट्टा संचालक के ऊपर कार्यवाई करेंगें।





