प्रतिनिधि,गिरिडीह। जिले में शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ आदिवासी समाज के लोगों ने प्रकृति से जुड़े पर्व दिसोम बाहा पोरोब (सरहुल) धूमधाम से मनाया। इस दौरान मिलन समारोह का आयोजन जिला आदिवासी छात्रसंघ की अगुवाई में किया गया। आदिवासी समुदाय द्वारा बस स्टेंड स्थित मांझी थान पर सरहुल बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।
इस दौरान गिरिडीह के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यहां संस्कृति रितिरिवाज के साथ पूजन भी किया गया।रीतिरिवाज के साथ पूजा करने के बाद समाज के द्वारा गिरिडीह में सरहुल की शोभायात्रा निकाली गई,जिसमें महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेश भूषा में नृत्य करते हुए शहर का भ्रमण किया। इस दौरान समाज के युवक-युवतिया मांदर की थाप पर थिरकते हुए नजर आए। समाज के लोगों ने शहरी क्षेत्र का भी भ्रमण किया। बताया गया की बाहा पर्व आदिवासियों का वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक पर्व है।पतझड़ के बाद पेड़ पौधों को टहनियों में हरे हरे पत्ते आम की मंजर तथा सखुवा के फूल से जब पूरा वातावरण सुगंधित हो जाती है, तब सरहुल मनाया जाता है।
इस समारोह में आदिवासी छात्रसंघ के अध्यक्ष प्रदीप सोरेन,सचिव मदन हेंब्रम,मीडिया प्रभारी रमेश मुर्मू साथ में छात्रसंघ के तमाम सदस्य समेत समाज के लोग मौजूद थे।इधर डुमरी में बडकीबेरगी पंचायत के मंझलाडीह में शुक्रवार को ग्राम स्तरीय सरहुल पूजा समिति मंझलाडीह द्वारा प्रकृति पर्व सरहुल पूजा मनाया गया।
इस दौरान सभी उपस्थित सदस्यों ने सामूहिक रूप से विधिपूर्वक बहा बोंगा पूजा के बाद बहा अतांड,गपाल-मराव का भाषण के साथ शाम में संथाली सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया।साथ ही पारंपरिक वेशभूषा के साथ सभी महिलाओं एवं युवतियों ने लोकगीत गाकर नृत्य किया।जबकि पुरूषों द्वारा मांदर बजाया जा रहा था।
मुख्य अतिथि के रूप में यशोदा देवी जिप सदस्य प्रदीप मंडल,जयप्रकाश वर्मा,सुकरलाल बास्के,रमेश मरांडी, पिन्टु टुडु,सीताराम बास्के,सोनाराम हांसदा,मनोज सोरेन,बड़कू मरांडी,छोटी मंडल,महेंद्र बास्के,पप्पू मुर्मू,फूलचंद मुर्मू,राजेश मरांडी,बाबूचंद टुडू,मनोज मरांडी, शनिचर मरांडी,अनिल टुडू,सुरेश मरांडी,जागेश्वर मुर्मू, छोटेलाल मुर्मू,हेमलाल टुडू,रमेश हेम्ब्रम,लक्ष्मण मुर्मू विश्वनाथ हेम्ब्रम,हेमलाल मुर्मू,कार्तिक हेम्ब्रम उपस्थित थे।





