नासिक में पुराने स्टॉक की कमी और मंडियों में घटती आवक के कारण देशभर में प्याज की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। सावन के महीने में कम मांग के बावजूद थोक और खुदरा कीमतों का अंतर बना हुआ है, जिससे कई राज्यों में खुदरा प्याज 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।

प्रमुख राज्यों और शहरों में प्याज के खुदरा भाव

  • दिल्ली-एनसीआर: सरकारी या रियायती आउटलेट पर 50-55 रुपये किलो, जबकि खुले बाजार में 60 से 70 रुपये प्रति किलो।
  • पश्चिम बंगाल: सबसे अधिक उछाल दर्ज; दो सप्ताह पहले 30-35 रुपये बिकने वाला प्याज अब 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंचा।
  • जम्मू और हिमाचल प्रदेश: जम्मू में 60 रुपये और हिमाचल प्रदेश में औसतन 60 रुपये प्रति किलो।
  • उत्तराखंड: देहरादून में 60 रुपये, हरिद्वार (ज्वालापुर) में 50 रुपये और हल्द्वानी में 46-50 रुपये प्रति किलो।
  • बिहार और झारखंड: पटना में 55 रुपये और रांची में खुदरा दाम 55 से 60 रुपये प्रति किलो।
  • राजस्थान और मध्य प्रदेश: राजस्थान में 50 रुपये किलो और मध्य प्रदेश की मंडियों में सामान्य प्याज 40 रुपये किलो।

मंडी आवक में गिरावट और मुख्य कारण

  • कानपुर (चकरपुर मंडी): रोजाना आवक 6.50 लाख किलो से घटकर 5 लाख किलो रह गई है। बीते तीन दिनों में थोक भाव 10 रुपये बढ़कर 42-45 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
  • आगरा (सिकंदरा मंडी): नासिक से रोजाना 15 ट्रक (3 लाख किलो) की आपूर्ति के चलते थोक भाव 40 रुपये किलो पर स्थिर हैं, हालांकि अगले हफ्ते से दाम बढ़ने की संभावना है।
  • सप्लाई का जरिया: वर्तमान में बाजार में मध्य प्रदेश के शिवपुरी और राजस्थान के अलवर से सीमित मात्रा में प्याज की आपूर्ति हो रही है।

व्यापारियों के अनुसार, जब तक मंडियों में नई फसल की भरपूर आवक शुरू नहीं हो जाती, तब तक प्याज की कीमतों में नरमी की संभावना कम ही है।