इंदौर:
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की सफाई व्यवस्था मंगलवार को दूसरे दिन भी पूरी तरह ठप रही। नियमितीकरण (स्थायी करने) की मांग को लेकर नगर निगम के 8,000 से अधिक सफाई कर्मचारियों ने काम बंद रखकर हड़ताल जारी रखी। इसके चलते शहर के सराफा, सीतलामाता बाजार, खजूरी बाजार और अटल द्वार जैसे प्रमुख और व्यस्त इलाकों में सड़कों पर कचरे के ढेर लग गए। वार्डों में कचरा गाड़ी न पहुंचने से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
निगम मुख्यालय का घेराव, 4 घंटे बाद पहुंचे निगमायुक्त
मंगलवार सुबह 11 बजे से ही सैकड़ों सफाई कर्मचारी नगर निगम मुख्यालय के मुख्य गेट पर एकत्र होकर जोरदार नारेबाजी करने लगे। दोपहर में अपर आयुक्त प्रखर सिंह बातचीत के लिए पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों ने सिर्फ निगमायुक्त से ही चर्चा करने की शर्त रखी। लगभग 4 घंटे चले प्रदर्शन और घेराव के बाद निगमायुक्त क्षितिज सिंघल स्वयं कर्मचारियों के बीच पहुंचे और ज्ञापन स्वीकार किया।
इसे भी पढ़ेंः असम के नागांव में तड़के महसूस किए गए 4.5 तीव्रता के भूकंप के झटके, हिमाचल के ऊना में भी हिली धरती
44 कर्मचारियों की बहाली, पर नहीं माने कर्मचारी
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने कर्मचारियों को जानकारी दी कि काम से हटाए गए 44 कर्मचारियों को सेवा में वापस बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील करते हुए कहा:
"सफाईकर्मियों की जो मांगें निगम स्तर की थीं, उन्हें पूरा कर दिया गया है। नियमितीकरण जैसी मुख्य मांग पर फैसला शासन स्तर से होना है, जिसके लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही हड़ताल खत्म होगी और सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटेगी।"
इसे भी पढ़ेंः EC मार्च पर भारी बवाल, राहुल-प्रियंका धरने पर अड़े; अखिलेश और अभिषेक बनर्जी हिरासत में
सीएमओ (CMO) के आश्वासन के बाद भी हड़ताल जारी रखने का फैसला
स्थानीय कर्मचारी नेताओं ने बताया कि दोपहर बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का पत्र प्राप्त हुआ है। हालांकि, नेताओं का साफ कहना है कि जब तक ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा और हड़ताल बुधवार को भी समाप्त नहीं होगी।
#IndoreNews #IndoreCleanness #SwachhBharat #IndoreMunicipalCorporation #SafaiKarmchariStrike #IndoreStrikes #MPNews #KshitijSinghal #IndoreCivicIssues #UrbanUpdates





