इटखोरी में भीषण गर्मी का कहर,अधिकतम 44 डिग्री पारा रिकॉर्ड किया दर्ज
लोगों का घर से निकलना हुआ मुश्किल,मवेशियों एवं पक्षियों के लिए उत्पन्न हुआ जल संकट,सूखे सभी जल के स्रोत
पूर्वांचल सूर्य ब्यूरो,इटखोरी,चतरा। इटखोरी प्रखंड में भीषण गर्मी का प्रभाव जारी है। आसमानी आफत और आग उगलता सूरज से धरती झुलस रही है। यहां बुधवार को अधिकतम 44 एवं न्यूनतम 35 डिग्री पारा अपना प्रभाव बनाए रहा। यहां प्रत्येक दिन तापमान एक डिग्री बढ़ रहा है। इटखोरी में मंगलवार को अधिकतम 43 डिग्री पारा रिकॉर्ड दर्ज किया गया। वहीं दूसरे दिन बुधवार को 44 पर पहुंच गया। गुरुवार को 45 अधिकतम डिग्री पारा था।साथ हीं लोगों को चिलचिलाती धूप से काफी परेशानी बढ़ गई है।
ठंडक देने वाले मशीनें भी इस गर्मी में फेल हो चुके हैं। बिजली पंखे तो आग उगल रहे हैं। कूलर की हवा लोगों को ठंडक नहीं पहुंचा रही है। वहीं ऐसी में भी लोगों को सुकून नहीं मिल रहा है। ऐसे में लोग जाएं तो कहां जाएं।आखिर यहां के लोग अब घने पेड़ों के नीचे अपना आशियाना बनाए हुए हैं।
दिन 9 से 10 बजे के बाद यहां के अधिकांश लोग अपने-अपने घरों के आसपास पेड़ पौधे के नीचे आकर बैठ जाते हैं और इसी स्थल पर आवश्यक कार्य भी कर रहे हैं,जिससे यहां इन्हें राहत की सांस मिल रही है।भीषण गर्मी में एक-एक बूंद के लिए पशु-पक्षी तरस रहे हैं।इस गर्मी के मौसम में लू के साथ साथ चिलचिलाती धूप से जनजीवन त्रस्त हो गया है। पशु पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए नदियां, तालाब सब सूख गए हैं।मवेशी बूंद बूंद पानी के लिए इधर उधर भटक रहे है। प्रखंड क्षेत्र में स्थित तालाबों एवं नदियों में एक बूंद पानी नजर नही आ रहा है। अपनी हलक की प्यास बुझाने के लिए बेजुबान पशु- पक्षी पानी के लिए इधर उधर घूम रहे है।





