नई दिल्ली:

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मिडिल ईस्ट युद्ध के संकट के बीच सरकार ने देश के निजी ईंधन खुदरा विक्रेताओं (Private Fuel Retailers) को कड़ा संदेश दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्राइवेट ऑयल कंपनी को अपने रिटेल आउटलेट्स पर पेट्रोल या डीजल की बिक्री सीमित (राशनिंग) करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यह सख्त चेतावनी उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आई है, जिनमें दावा किया गया था कि निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां—नायरा एनर्जी और जियो-बीपी अपने पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री पर प्रति ग्राहक या प्रति ट्रांजैक्शन सीमा तय कर रही हैं।

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'ईंधन की राशनिंग मंजूर नहीं' – पेट्रोलियम सचिव

पत्रकारों से बातचीत करते हुए पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने साफ शब्दों में कहा:

"किसी भी कंपनी को ईंधन की बिक्री पर पाबंदी या लिमिट लगाने की इजाजत नहीं है। हम उन्हें स्पष्ट तौर पर बताएंगे कि यह बिल्कुल मंजूर नहीं है। सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के दौरान भी रिटेलर्स को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे और हमारा यह रुख आज भी कायम है।"

वहीं, 'गोबरधन' योजना के आधिकारिक शुभारंभ के मौके पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मंत्रालय इस विषय पर निजी ईंधन रिटेलर्स के लगातार संपर्क में है।

क्यों शुरू हुई डीजल की राशनिंग?

मामले से जुड़े सूत्रों और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के एग्जीक्यूटिव्स के मुताबिक:

  • घाटे का दबाव: कच्चे तेल की वैश्विक दरों में बढ़ोतरी के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल के खुदरा दाम स्थिर हैं। निजी कंपनियों का दावा है कि उन्हें डीजल की खुदरा बिक्री पर प्रति लीटर लगभग ₹50 तक का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था।
  • बिक्री पर लिमिट: रिपोर्ट्स के मुताबिक, जियो-बीपी ने प्रति ग्राहक डीजल बिक्री की सीमा 50 लीटर तय की थी, जबकि नायरा एनर्जी के आउटलेट्स पर यह सीमा प्रति ट्रांजैक्शन 70 से 200 लीटर के बीच रखी गई थी।
  • थोक और खुदरा मूल्य का अंतर: थोक (Industrial/Commercial) डीजल की कीमत खुदरा पंप दरों से लगभग ₹50 प्रति लीटर अधिक है। इसके चलते कई कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों ने सीधे रिटेल आउटलेट्स से ही बल्क में डीजल खरीदना शुरू कर दिया था।

कंपनियों की सफाई

  • जियो-बीपी: कंपनी ने कहा कि वह मोबिलिटी और ट्रांसपोर्टेशन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ईंधन की समान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है। उनके सभी आउटलेट्स पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
  • नायरा एनर्जी: कंपनी ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि वह अपने देशव्यापी डीलर नेटवर्क में लगातार ईंधन सप्लाई बनाए हुए है और भारतीय बाजार की मांग को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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GOBARdhan योजना का हुआ शुभारंभ

ईंधन सुरक्षा के कार्यक्रमों के बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में GOBARdhan (Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan) योजना का आधिकारिक शुभारंभ किया।

  • बजट और उद्देश्य: ₹23,731 करोड़ के कुल परिव्यय वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि अवशेष, गोबर, म्युनिसिपल वेस्ट और बायोमास को कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और जैविक खाद में बदलना है।
  • लक्ष्य: देश में CBG का घरेलू उत्पादन लगभग 10 गुना तक बढ़ाना, निजी निवेश को आकर्षित करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हुए देश में सर्कुलर बायो-इकोनॉमी का निर्माण करना।

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