मध्यप्रदेश: मध्य प्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी उज्जैन आगामी 17 से 19 सितंबर तक 'युवा धर्म संसद' के छठवें संस्करण की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित अपने निवास पर कार्यक्रम के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन कर आयोजन को अपनी शुभकामनाएं दीं।
भारतीय ज्ञान परंपरा और युवा शक्ति का संगम
'सेवाज्ञ संस्थानम' द्वारा आयोजित यह राष्ट्रीय कार्यक्रम सनातन संस्कृति और देश की युवा शक्ति को जोड़ने का एक बड़ा मंच बनेगा।
- उद्देश्य: इस संसद का मुख्य ध्येय युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा, सनातन संस्कृति के मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका से अवगत कराना है।
- प्रतिभागी: कार्यक्रम में देशभर से चयनित युवा प्रतिनिधि, विचारक, धर्मगुरु, शोधार्थी और सामाजिक क्षेत्र की हस्तियां शिरकत करेंगी।
मुख्यमंत्री ने जताया भरोसा: 'वैचारिक जागरण को मिलेगी नई दिशा'
पोस्टर विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन जैसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक नगरी में इस तरह का आयोजन युवाओं के बीच सांस्कृतिक और वैचारिक जागरण को बढ़ावा देगा। उन्होंने भारतीय मूल्यों को नई पीढ़ी से जोड़ने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
धर्म-विज्ञान से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक पर होंगे विशेष सत्र
तीन दिनों तक चलने वाले इस वैचारिक मंथन में कई प्रासंगिक और समसामयिक विषयों पर विस्तृत परिचर्चाएं होंगी:
- धर्म और विज्ञान: दोनों के बीच व्यावहारिक समन्वय और आधुनिक संदर्भ।
- पर्यावरण और युवा: पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारियों में युवाओं की भूमिका।
- युवा नेतृत्व: परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाते हुए एक सशक्त नेतृत्व का विकास।
इस अवसर पर सेवाज्ञ संस्थानम के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष आशु, मध्य प्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा, डॉ. पुनीत द्विवेदी और माधव कुमार सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। धर्म और दर्शन का केंद्र रही अवंतिका नगरी (उज्जैन) इस समागम के जरिए देश के युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेगी।





