प्रतिनिधि,जमशेदपुर।समाहरणालय सभागार में शुक्रवार उपायुक्त विजया जाधव की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग और आईटीडीए के साथ मासिक समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में कई छात्राओं के लगातार अनुपस्थित पाए जाने पर वार्डन से कारण पूछा गया। वार्डन ने बताया कि कई बार पारिवारिक समारोह या त्यौहार के बहाने अभिभावक मना करने के बावजूद छात्राओं को ले जाते हैं। मगर जल्दी स्कूल में नहीं लाते हैं। उपायुक्त द्वारा स्पष्ट कहा गया कि बच्चे हमारी जिम्मेदारी हैं। आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को लेकर सरकार का उद्देश्य अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है और अगर उसमें अभिभावक बाधक बनते हैं तो उन्हें अंतिम चेतावनी भेजें। अगर वे बच्चों को पढ़ाने में इच्छुक नहीं हैं तो दूसरे इच्छुक बच्चों के लिए सीट छोड़ दें। साथ ही सभी वार्डन को आवासीय विद्यालयों में शत प्रतिशत बच्चों का अटेंडेंस सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया। जबकि 10177 बच्चों का बैंक खाता अब तक नहीं खुल पाया है। सभी आवेदन बैंकों में लंबित हैं। जिसको लेकर उपायुक्त ने एलडीएम के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द इसे छात्रों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
इसी तरह कक्षा 9 से 12वीं तक के करीब 1500 छात्रों का जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो पाया है। जिसको लेकर अंचल से समन्वय कर इसे जल्द कराने का निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिया। वहीं 1279 बच्चों का आधार कार्ड नहीं बन पाया है। जिसे अगले एक सप्ताह में बनाने का निर्देश दिया गया है। गुड़ाबांदा का 1 व पोटका प्रखंड के 3 विद्यालय ऐसे हैं, जहां पेय जलापूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण चापाकल अधिष्ठापन नहीं हो पा रहा। उपायुक्त ने कुआं का निर्माण या फिर अन्य सुलभ पेयजल स्रोत पर विचार करने का निर्देश भी दिया है। साथ ही महिला साक्षरता दर को लेकर जिले में सर्वे कराने पर निर्णय भी लिया गया है।
बैठक में निदेशक डीआरडीए सौरभ सिन्हा, निदेशक एनईपी ज्योत्सना सिंह, जिला कल्याण पदाधिकारी राजेश पांडेय, जिला शिक्षा पदाधिकारी निर्मला बरेलिया, जिला शिक्षा अधीक्षक निशु कुमारी, कार्यपालक अभियंता राजेश रजक समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।





