पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,पालोजोरी। पालोजोरी प्रखंड क्षेत्र के खागा थाना इलाके में लाख प्रशासनिक प्रयासों के बावजूद बालू का अवैध परिवहन बदस्तूर जारी है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के रोक के बाबजूद मानसून सत्र में नदियों और जोरिया से बालू का अवैध रूप से उठाव कर बालू का कारोबार जारी है।बालू के अवैध कारोबार को रोकने के लिए बना खनन टास्क फोर्स पूरी तरह से नाकाम दिख रहा है। सूत्र का कहना है कि इन थाना क्षेत्रों में प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर से ज्यादा का अवैध बालू कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है।





बताया जा रहा है जामताड़ा जिला और सारठ प्रखंड के अजय नदी के विभिन्न बालू घाटों से बालू का खनन कर ट्रैक्टरों द्वारा व्यापार जारी है। धड़ल्ले से चल रहे इस व्यापार से बालू माफिया की चांदी है। एनजीटी के रोक की वजह से बालू माफिया लोगों से बालू का दो गुना तीन गुना दाम वसूल रहे है। बालू चोरों का हौसला इतना बुलंद है कि दिन हो या रात ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू की ढुलाई बिना किसी रोक टोक के हो रही है। फिलहाल अवैध बालू का धंधा रोकना प्रशासन के लिए कड़ी चुनौती है। ऐसा नहीं है कि पुलिस इन बालू चोरों के खिलाफ कारवाई नही करती है। समय-समय पर ट्रैक्टर को जब्त कर कानूनी कारवाई किए जाने के बाद भी इनके हौसले बुलंद है।बेरोकटोक और खुले रूप से हो रहे इस अवैध धंधे से जुड़े लोग एक तरह से पूरे प्रशासन को चुनौती पेश कर रहा है। खनन टास्क फोर्स केवल कागजों तक सीमित दिख रहा है। इन इलाको में टास्क फोर्स की कारवाई पूरी तरह से नगण्य है। माफिया जामताड़ा जिले के हाथधरा, सतसाल,लायबानी स्थित अजय नदी बालू घाट से बालू का उठाव कर खागा थाना इलाके में बेरोकटोक खपा रहे है।आलम यह है कि प्रतिदिन दर्जनों बालू लदे ट्रैक्टर प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए अवैध व्यापार में लिप्त है।





प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर के माध्यम से हो रहे बालू के खनन और परिवहन से सरकार को प्रतिदिन राजस्व का हानि तो हो ही रहा है।पर्यावरण को भी भारी क्षति पहुंच रहा है।