एनटीपीसी केरेडारी कोल खनन परियोजना का कहर
मुआवजा मांग कर रही महिला को मारपीट कर सरेआम किया घायल
चार दिन पहले आशियाने को उजाड़ा था अब जीना भी हो रहा है मुश्किल
संवाददाता,केरेडारी।विस्थापन पुनर्वास के तहत एक महिला को एनटीपीसी से मुआवजा मांगना एनटीपीसी केरेडारी कोल माइंस से जानलेवा साबित हो रहा है। एक गरीब महिला को एनटीपीसी के कर्मियों द्वारा मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया है।
मामला हज़ारीबाग़ जिले के प्रखंड केरेडारी के पांडू गांव कि है।जहां मारपीट होने से बेहोस पड़ी महिला के घर को तोड़ दिया गया गया।उसके बाद आज ये दूर दसा है कि जिसका बयां करना मुश्किल है। अगर कंपनी के खालिफ कोई बोलता है तो कंपनी रंगदारी मांगने के आरोप में झूठा मुकदमा दर्ज कर देती हैं,जिसका जीता जागता प्रमाण वायरल वीडियो में देखा जा सकता है।वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एनटीपीसी केरेडारी एजीएम एसपी गुप्ता का रौद्र रूप दिखाई पड़ रहा है। साथ ही एनटीपीसी के कर्मी का आवाज सुनने को मिल रहा है कि रंगदारी की मांग किया जाता है।उक्त घटना पर हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड के भीम आर्मी प्रखंड कमिटी ने घटना क्रम पर आवाज उठाया है और कहा है कि इसके लिए वहां डट कर न्याय की मांग कर रहे हैं। मौके पर सभी महिला एकजुट होकर महिला को उसके तोड़े हुए घर के पास ही रखकर बैठ गयी है और सरकार से न्याय की गुहार लगा रही है। साथ ही विस्थापित प्रभावित भू रैयतों ने घटना का घोर निंदा करते हुए स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन से न्याय की मांग किया है। उपरोक्त प्रकरण पर एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा कहा जाता है कि पीड़ित महिला चतरा जिला के लावालौंग की रहने वाली है। जबकि पांडू गांव के ग्रामीणों का कहना है कि पीड़ित महिला बीते कई वर्षों अपने परिवार के साथ अपने मायके में ही रह रही थी। उसका घर जगह जमीन सब पांडू में ही है। घटना पर एनटीपीसी प्रबंधन कुरूरता की चारो ओर चर्चा हो रही है।





