नई दिल्ली
देश के नए वायुसेना प्रमुख के रूप में एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने आधिकारिक तौर पर पदभार संभाल लिया है। भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कमान संभालने के बाद उन्होंने राजधानी स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने देश के नेतृत्व—राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री—का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें एक बेहद मजबूत और ऑपरेशनल रूप से तैयार वायुसेना की कमान मिली है।
पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह के नेतृत्व की सराहना की और 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय वायुसेना द्वारा दिखाए गए सटीक व निर्णायक एयर पावर को याद किया।
पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल: इलेक्ट्रिक वाहन से पहुंचे गार्ड ऑफ ऑनर
अपने पदभार ग्रहण समारोह के दौरान एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने एक बेहद खास और प्रेरणादायक अंदाज से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। पारंपरिक वीवीआईपी काफिले के विपरीत, वह गार्ड ऑफ ऑनर समारोह में एक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) से पहुँचे। उनके इस कदम को पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।
‘VAYU’ होगा वायुसेना का नया विजन और मंत्र
भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता, आधुनिकीकरण और भविष्य की रणनीतियों को स्पष्ट करते हुए नए वायुसेना प्रमुख ने अपनी प्राथमिकताओं को ‘VAYU’ नाम दिया है:
- V – Vigilance & Readiness (सतर्कता और तत्परता): हर समय सतर्क रहना और युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार रहना। हर स्क्वाड्रन, रडार, एयर डिफेंस यूनिट और एयर वॉरियर को तत्काल प्रतिक्रिया के लिए मुस्तैद रखना।
- A – आत्मनिर्भरता (Self-Reliance): तेजस Mk-1A, तेजस Mk-2, AMCA के साथ-साथ स्वदेशी सेंसर और हथियारों को प्राथमिकता देना। भारतीय तकनीक से देश की युद्धक क्षमता को नई ताकत देना।
- Y – युक्ति / Innovation (नवाचार): नई तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कमांड सिस्टम, ड्रोन रोधी सुरक्षा, बेहतर रखरखाव और अंतरिक्ष आधारित क्षमताओं को तेजी से विकसित करना।
- U – Unity of Effort (सामूहिक प्रयास): भारतीय थलसेना, नौसेना और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त सैन्य रणनीति और ऑपरेशंस को और अधिक मजबूत करना।
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युद्ध की बदलती चुनौतियों पर पैनी नजर
एयर चीफ मार्शल ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ड्रोन तकनीक, लंबी दूरी के सटीक हथियार, साइबर युद्ध, AI और अंतरिक्ष जैसी तकनीकें युद्ध का नया मैदान तय कर रही हैं। ऐसे में भारतीय वायुसेना भविष्य की हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या और ताकत बढ़ाए जाने को भी अपनी प्राथमिकताओं में रखा है।
वायु योद्धाओं और उनके परिवारों का कल्याण सर्वोपरि
अपने संबोधन में उन्होंने एयर वॉरियर्स, अग्निवीरवायु, सिविलियन स्टाफ, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के कल्याण को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि सैनिकों का उच्च मनोबल, बेहतरीन प्रशिक्षण, उनकी सुरक्षा और सम्मान हमेशा सुनिश्चित किया जाएगा।
अंत में उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना सतर्क, तैयार और संकल्पबद्ध है। देश की जरूरत के हर वक्त वायुसेना दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तत्पर रहेगी।
नभः स्पृशं दीप्तम् — आकाश को छूने वाली तेजस्विता।
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