जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में दर्जनों औद्योगिक घराने (कंपनियां) हैं। कंपनियों को अपने सामाजिक दायित्व के तहत सीएसआर फंड की राशि खर्च करनी हैं। कंपनियां उक्त मद में खर्च भी करती हैं। लेकिन किस कंपनी ने किस योजना मद में कितनी राशि खर्च की इसकी जानकारी जिला प्रशासन के पास नहीं है। पिछले पांच वर्षों में जिले में सीएसआर के तहत कितनी राशि कंपनियों द्वारा खर्च की गई इसका कोई आंकड़ा जिला प्रशासन के पास नहीं है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब जिला प्रशासन ने आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी देने में असमर्थता जता दी।-



झारखंड में टाटा स्टील ने खर्च किया 39.79 करोड़



प्रत्येक वर्ष टाटा स्टील द्वारा सीएसआर के तहत करोड़ों रूपये खर्च किए जाते हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में टाटा स्टील द्वारा सीएसआर के तहत कुल 221.98 करोड़ रूपये स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं लोगों के जीवनस्तर में सुधार के लिए खर्च किए गए। जिसमें केवल झारखंड में विभिन्न मदों में कुल 39.79 करोड़ रूपये खर्च किया गया है। जिसमें सबसे अधिक स्वास्थ्य बीमा मद में 25 करोड़ रूपये कंपनी ने खर्च किया है। जबकि ओडिशा प्रदेश में कुल 11.14 करोड़ रूपये एवं 171.05 करोड़ रूपये राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न मदों में खर्च किया गया। इसकी निगरानी के लिए सरकार की ओर से कोई कमिटी गठित नही की गई है। लेकिन कंपनी अधिनियम 2013 के तहत यह प्रावधान है कि कंपनी अपने प्रत्येक वित्तीय वर्ष के वार्षिक रिपोर्ट में सीएसआर फंड की जानकारी देगी। यह नियम कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135 के मानकों को पूरा करने वाले सभी देशी एवं विदेशी कंपनियों पर लागू होगी।-



निबंधित कंपनियों की नहीं है जानकारी





आरटीआई कार्यकर्ता सदन कुमार ठाकुर ने बताया कि झारखंड में कंपनी अधिनियम के तहत निबंधित कंपनियां सीएसआर फंड खर्च करने के मामले में मनमानी कर रही हैं। यहां तक की सीएसआर खर्च का ब्यौरा भी नहीं देते हैं। यहां तक की पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन के पास सीएसआर के दायरे में आने वाली तथा इसके तहत निबंधित कंपनियों की जानकारी भी नहीं है। सदन कुमार ठाकुर ने सूचना के अधिकार के तहत जिला प्रशासन से पिछले पांच वर्षों के दौरान पूर्वी सिंहभूम जिले में सीएसआर के तहत विभिन्न योजनाओं में खर्च की गई राशि से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की। जिसके जवाब में जिला प्रशासन ने बताया कि जिला प्रशासन के पास सीएसआर के तहत खर्च की गई राशि से संबंधित कोई जानकारी नहीं है। यहां तक की कंपनी अधिनियम 2013 के सीएसआर प्रावधान के तहत कितनी कंपनी निबंधित है इससे संबंधित जानकारी भी प्रशासन के पास नहीं है।-



सीएसआर का क्या है प्रावधान



कंपनी अधिनियम 2013 में सीएसआर के प्रावधान तय किए गए है। जिसमें कोई भी कंपनी अपने लाभांश की 2 प्रतिशत राशि सीएसआर के तहत अपने सुविधानुसार खर्च कर सकती है। शर्त यही है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास परियोजना, कौशल विकास, कृषि विस्तार परियोजना के साथ ही लोगों की सामाजिक आर्थिक उत्थान जैसी विभिन्न मद में उक्त राशि खर्च की जाय ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिले। वैसे औद्योगिक प्रतिष्ठान जिनकी स्थापना में न्यूनतम 500 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, अथवा उक्त कंपनी का कारोबार 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा है, अथवा वार्षिक लाभ 5 करोड़ रुपये से ज्यादा है. वैसी कंपनियां अपनी सलाना लाभांश का 2 प्रतिशत अंश सामाजिक दायित्य के तहत विभिन्न योजनाओं में खर्च करेगी. कंपनी सीएसआर नियम 2014 के नियम 3(2) के साथ पठित अधिनियम की धारा 135 की उपधारा (1) के अंतर्गत कंपनी के वित वर्ष का आशय पिछले तीन वर्षों में से कोई एक वर्ष को माना जाएगा।-