कुछ बड़े चीज करने की सोच रखें और उसके लिए मेहनत कर आगे बढ़े : नैंसी सहाय





उद्यमियों के लिए एक लाख करोड़ रुपये की गई आवंटित





प्रतिनिधि,हजारीबाग। हजारीबाग टाउन हॉल में कृषि निदेशालय रांची की ओर से शनिवार को जिले के करीब 450 किसानों, एसएचजी फेडरेशन एवं एफपीसी के प्रतिनिधियों के साथ कृषि अवसंरचना कोष विषयक जागरुकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। अध्यक्षता कर रहे मुख्य अतिथि सह उपायुक्त महोदया नैंसी सहाय ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हजारीबाग पूरे झारखंड में इस योजना का लाभ लेने में पहले नंबर पर रहेगा। इस योजना का व्यापक जागरुकता अभियान चलाकर जिले के सभी प्रमुख कृषि उद्यमियों तथा कृषि कार्य से जुड़े लोगों को लाभ देने का प्रयास किया जाएगा। जिला प्रशासन के द्वारा जिले के अधिक से अधिक किसानों को योजना से लाभान्वित किया जाएगा। उद्यमियों को कोल्ड स्टोरेज लगाने और खाद्य प्रसंस्करण इकाईओं को लगाने का आह्वान किया। कहा कि उन्हें अपना सिविल स्कोर ठीक करना होगा ताकि उनको बड़ा लोन मिल सके। गरीब, किसान भी अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सके। उन्होंने कहा कि कुछ बड़े चीज करने की सोच रखें और उसके लिए मेहनत कर आगे बढ़ें। आजीविका का स्रोत बढ़ाने के लिए कार्य करें। संचालन परियोजना प्रबंधन ईकाई रांची के प्रभाष चंद्र दुबे ने किया। कृषि अवसंरचना कोष के जरिए किसानों और कृषि क्षेत्र के उद्यमियों के लिए एक लाख करोड़ रुपए की राशि का आबंटन किया गया है। जिसमें झारखंड को 1445 करोड़ रुपे का आवंटन हुआ है।





कैसे लें इस योजना का लाभ





इस योजना का लाभ लेने www.agriinfra.doc.gov.in पर लॉगिन कर आवेदन किया जा सकता है। केन्द्र सरकार की ओर से किसानों के ऋण खाते में सीधे सब्सिडी दी जाएगी। आवेदन की प्रक्रिया सरल है। परियोजना प्रबंधन ईकाई कृषि निदेशालय से आए प्रतिनिधियों ने प्रेजेंटेशन के जरिए किसानों को बताया कि आवेदन कैसे करना है और परियोजना का कैसे लाभ लेना है। किसानों ने योजना को समझकर आवेदन करने का निर्णय लिया। पीएमयू से आवेदन करने, ऋण दिलवाने में पूरा सहयोग देने की बात कही गयी। विश्वस्तरीय संगठन ग्रांट थोर्नटॉन की ओर से झारखंड में परियोजना प्रबंधन ईकाई का संचालन कृषि निदेशालय में किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की योजना संबंधी जानकारी दी। पीएमयू टीम से प्रभाष चंद्र दुबे, डायरेक्टर रिश रवि, अश्विनी कुमार, मनीष कुमार, मयंक द्विवेदी आदि ने प्रेजेंटेशन के माधयम से प्रस्तुत किया। जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार मिश्रा, एचडीएच निकिता कुमारी, सीजीएम नाबार्ड, डीडीएम नाबार्ड, एलडीएम, पीडी आत्मा आदि अधिकारी मौजूद थे।





क्या है कृषि अवसंरचना कोष





केंद्र सरकार की ओर से कृषि अवसंरचना कोष की स्थापना की 2020 में की गई थी। यह फंड फसल कटाई के बाद बुनियादी ढांचा प्रबंधन एवं सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों में निवेश के लिए मध्यम व दीर्घकालिक ऋण वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करती है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के माध्यम से किसान फसल की कटाई के बाद उसकी सही कीमत मिलने तक उसे सुरक्षित रख सकेंगे