प्रतिनिधि,चाईबासा। इस दौरान अपराध नियंत्रण को लेकर तीनों जिलों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही पेंडिंग केस की समीक्षा की गई,जिसमें पाया गया कि पहले की अपेक्षा पेंटिंग केस में 500 केस सुलझा लिए गए हैं। अनुसंधान के अंतर्गत भी भारी कमी आई है। वारंट कुर्की के निष्पादन के संबंध में समीक्षा की गई। इस संबंध में तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में स्पेशल टीम गठन करने की आवश्यकता है। जिसके लिए सर्कल इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम गठित कर वारंट एवं कुर्की आदि मामलों का निष्पादन करवाने का निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही विधि व्यवस्था से संबंधित किसी प्रकार के अगर मामले है तो उसे भी निष्पादन करने को कहा गया है। हालांकि फिलहाल ऐसे कोई मामले नहीं हैं विभागीय जांच व कार्यवाही जो पेंडिंग है उसे कैसे निष्पादन करें इसे लेकर चर्चा की गई।





डीआईजी अजय लिंडा ने कहा कि ओवर ऑल अपराध नियंत्रण, अनुसंधान, विभागीय जांच एवं कार्यवाई के मामले में कमी आई है। नक्सलवाद को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई है। इसमें खासकर देखें तो चाईबासा का कोल्हान क्षेत्र ही एक्टिव है। जमशेदपुर आदि जगहों पर नक्सल गतिविधि नहीं देखी जा रही है।