वाल्मीकिनगर। स्थानीय क्षेत्र में बारिश न होने के बावजूद गंडक नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया है। नेपाल और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर जल का दबाव बढ़ गया, जिसके बाद रविवार को बराज से 1.77 लाख क्यूसेक से अधिक पानी डाउनस्ट्रीम में डिस्चार्ज किया गया। नदी के अचानक उफान पर आने से निचले और तटीय इलाकों में प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है।

10 घंटों में 53 हजार क्यूसेक से ज्यादा बढ़ा डिस्चार्ज

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह 8:00 बजे बराज से 1,24,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। नेपाल से पानी का आवक बढ़ते ही डिस्चार्ज का आंकड़ा शाम 6:00 बजे तक बढ़कर 1,77,800 क्यूसेक पहुंच गया। महज 10 घंटों के भीतर डिस्चार्ज में 53,800 क्यूसेक की भारी वृद्धि दर्ज की गई।

जलस्तर के प्रमुख आंकड़े (सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक)

  • अपस्ट्रीम जलस्तर: सुबह 354.40 फीट से बढ़कर शाम को 356.30 फीट हुआ (1.90 फीट की वृद्धि)।
  • डाउनस्ट्रीम जलस्तर: सुबह 351.60 फीट से बढ़कर शाम को 353.60 फीट दर्ज किया गया (2.00 फीट की वृद्धि)।
  • चैनल स्थिति: पूरे दिन इमरजेंसी मेंटेनेंस चैनल (EMC) और मेन वियर चैनल (MWC) में डिस्चार्ज शून्य (निल) रहा।

बराज पहुंचीं एसडीएम, दिए कड़े निर्देश

नदी के बढ़ते जलस्तर की सूचना मिलते ही एसडीएम चांदनी कुमारी ने वाल्मीकिनगर गंडक बराज का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और अधिकारियों को तटबंधों और जलस्तर पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। तटीय क्षेत्रों के ग्रामीणों को भी नदी के करीब न जाने की सलाह दी गई है।

बिना स्थानीय बारिश के क्यों बढ़ा जलस्तर?

गंडक बराज के सहायक अभियंता सत्येंद्र ने बताया कि स्थानीय स्तर पर वर्षा न होने के बावजूद नदी में यह उफान आया है। इसका मुख्य कारण नेपाल और उपरी पहाड़ी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश है, जिसके कारण बाढ़ का पानी गंडक नदी में तेजी से प्रवाहित हो रहा है। विभागीय स्तर पर स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।