मुंबई

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नवरात्रि के गरबा आयोजनों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने और हिंदुओं से माथे पर टीका लगाकर आने की विश्व हिंदू परिषद (VHP) की मांग पर तीखा हमला बोला है। VHP की इस मांग को खारिज करते हुए ठाकरे ने कहा कि ये लोग केवल "गोमूत्र धारी हिंदू" हैं और यही इनका हिंदुत्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग पहले नहीं थे, लेकिन अब रोज नई-नई मांगें उठाकर माहौल बिगाड़ रहे हैं, जबकि हम यह त्योहार दशकों से मनाते आ रहे हैं।

उद्धव ठाकरे ने सरकार पर आगामी त्योहारों के दौरान दंगा भड़काने की साजिश रचने की आशंका जताते हुए सवाल उठाया कि गणपति उत्सव से पहले हुई दो संदिग्ध घटनाओं पर पुलिस और प्रशासन ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं।

'ऑपरेशन टाइगर' और राष्ट्रीय पुरस्कारों पर सरकार से सवाल

उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर सरकार को आड़े हाथों लिया:

  • ऑपरेशन टाइगर पर प्रतिक्रिया: राजनीतिक गलियारों में चर्चा में आए 'ऑपरेशन टाइगर' पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि "शेर का ऑपरेशन करने वाला अभी कोई पैदा नहीं हुआ है।"
  • पुरस्कारों के स्थान परिवर्तन पर आपत्ति: राष्ट्रीय पुरस्कारों के आयोजन को दिल्ली से गुजरात स्थानांतरित किए जाने पर ठाकरे ने सवाल उठाया कि क्या मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता देश का हिस्सा नहीं हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गुजरात और देश के बाकी राज्यों के बीच एक राजनीतिक दीवार खड़ी कर रही है।

UBT पार्षदों पर भेदभाव का आरोप

पार्टी पार्षदों के खिलाफ हो रही प्रशासनिक कार्रवाइयों पर गुस्सा जाहिर करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा:

  • जाति प्रमाणपत्र का मुद्दा: शिवसेना (UBT) के पार्षदों को जाति प्रमाणपत्रों के नाम पर अयोग्य घोषित कर उनके पद रद्द किए जा रहे हैं।
  • याचिकाओं पर दोहरा रवैया: शिंदे गुट के 16 विधायकों के खिलाफ UBT द्वारा दाखिल याचिकाओं पर कोई फैसला नहीं आ रहा, जबकि UBT नेताओं के खिलाफ याचिकाओं पर तुरंत फैसले दिए जा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर यह कानूनी और प्रशासनिक भेदभाव क्यों किया जा रहा है?

दिल्ली इमारत हादसे पर केंद्र और भाजपा को घेरा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए दर्दनाक इमारत हादसे पर भी उद्धव ठाकरे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार और प्रशासन है, तो फिर इस तरह का जानलेवा भ्रष्टाचार क्यों हो रहा है? उन्होंने सवाल किया कि मानसून से पहले जर्जर और खतरनाक इमारतों का निरीक्षण और उनकी सूची क्यों तैयार नहीं की गई? ठाकरे ने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।