पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,गिद्धौर (चतरा)।प्रखंड मुख्यालय के जपुआ टोला में रहने वाले महेश बिरहोर की 38 वर्षीय पत्नी मनीषा बिरहोरीन को अचेतावस्था में इलाज के लिए शनिवार को हजारीबाग भेजा गया।इसकी सूचना जैसे ही अंचलाधिकारी अनंत शयनम विश्वकर्मा को मिली वे घटनास्थल पर पहुंचे और सहयोग राशि देकर मनीषा बीरहोरीन को इलाज के लिए हजारीबाग भेज दिया।
बताया गया कि मनीषा बिरहोरीन बीते गुरुवार की रात खाना खा कर सो गई।सुबह अचानक मनीषा की तबीयत बिगड़ गई।आसपास के लोगों ने इलाज के लिए सदर अस्पताल चतरा भेज दिया,जहां इलाज कर बेहतर इलाज के लिए मनीषा को हजारीबाग रेफर कर दिया गया।इसी दौरान जपुआ के समीप एंबुलेंस पहुंचते ही परिजनों ने वाहन को रोककर बिरहोरीन मनीषा को वाहन से उतार कर घर में रखा।इसके बाद मनीषा का पति महेश बिरहोर भागने लगा।अंचल अधिकारी और महादेव दांगी के अथक प्रयास से पुनः एंबुलेंस के माध्यम से इलाज के लिए हजारीबाग भेजा गया।
बता दें कि विलुप्ति के कगार पर बिरहोर परिवारों को विलुप्त नहीं होने को लेकर और उनके उत्थान को लेकर सरकार कई प्रकार की योजनाएं संचालित की है।योजनाओं से लाभान्वित बिरहोर परिवारों के साथ सरकारी कर्मी और जनप्रतिनिधि सिर्फ फोटो खींचा कर पोस्ट करने में मशगूल रहे।बाकी समय बिरहोर परिवार को सुध लेने वाला कोई नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ कोई पदाधिकारी भी बिरहोर परिवार के गांव सुध लेने नहीं पहुंचते है।





